पतिव्रता नारी की प्यासी चुत की तड़फ

(Desi Kahani) 15

Akash Kumar 2026-05-19 Comments

हॉट भाभी सेक्स कहानी में मेरे पति की सेक्स में रूचि खत्म हो गयी थी, उनका खड़ा ही नहीं होता था. मेरी चुदाई ना होने से मैं परेशान थी. मेरे मायके से एक लड़का हमारे घर आता था.

 

दोस्तो, मैं एक युवा हूँ और मेरा नाम बादशाह है.

 

मैं आज आपको एक तड़प भरी सेक्स कहानी सुनाने आया हूँ.

ये मेरी दोस्त अंजलि की कहानी है.

आप हॉट भाभी सेक्स कहानी उसी की जुबानी पढ़िए.

 

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम अंजलि है. मैं गाजियाबाद से हूँ.

मैं शादीशुदा हूँ, उम्र 33 साल है और फिगर 34-32-36 का है.

मैं साड़ी पहनती हूँ और दो बच्चों की माँ हूँ.

 

शुरू में मेरे पति मुझे खूब चोदते थे.

हम एक दिन में 4 से 5 बार भी चुदाई कर लेते थे.

 

बच्चों के पैदा होने तक तो सब ठीक था लेकिन उसके बाद पति ने अचानक से मेरे साथ में सोना लगभग बंद कर दिया.

पता नहीं क्यों …

 

धीरे-धीरे उनका मुझमें इंटरेस्ट ही खत्म हो गया.

 

उन दिनों मैं बहुत परेशान होने लगी थी.

 

मेरी चुत में आग लगती रहती थी और मैं कभी उंगलियों से चुत को रगड़ती तो कभी जबरन पति के साथ लिपट कर उनसे चुदाई की बात कहती.

मगर वे शायद एकदम से ठंडे हो गए थे.

 

मैंने एक दो बार उनके सो जाने के बाद उनका लंड भी चूसा ताकि वे जाग जाएं और मुझे चोद दें.

मेरे लंड चूसने के इस काम से वे जागते तो थे लेकिन लंड चुसवा कर झड़ जाते थे और मेरे लिए अचरज की बात यह थी कि उनके लौड़े में तनाव नहीं आया.

 

यह देख कर मैं मायूस हो गई थी और मुझे लगने लगा था कि अब मेरी सेक्स लाइफ शायद खत्म हो गई है.

 

मैं सेक्स कहानी पढ़ने लगी और ब्लू फिल्म देखने लगी.

उससे समझ में यह आया कि दुनिया में पति के लंड के अलावा और भी लंड होते हैं, जिनसे चुद कर चुत की आग को शांत किया जा सकता है.

 

मैं अजीब से दोराहे पर आकर खड़ी हो गई थी कि एक तरफ तो मेरा पतिव्रता वाला धर्म था और दूसरी तरफ मेरी चुत की आग थी जो बार बार मुझे किसी दूसरे लौड़े से चुद जाने के लिए उकसा रही थी.

 

काफी दिनों तक यही सब चलता रहा.

 

फिर अचानक एक दिन की बात है.

उस दिन मेरे पति बाहर गए हुए थे.

शाम को मेरे गांव का लड़का घर पर आया हुआ था.

 

वह मेरे घर पर कई दिनों से आता-जाता रहा है.

बल्कि मैं यूं कहूँ कि मैं उसे बचपन से ही जानती हूँ.

 

उस दिन उसे देख कर मैंने सोचा कि क्यों न इसी के साथ सैटिंग कर लूँ … और यदि वह सैट होता है तो उससे चुदवा लूं!

 

हालांकि वह भी मुझे लाइक करता है, यह मुझे पता था.

लेकिन मेरी शादी के बाद वह मुझसे कभी कुछ कह ही नहीं पाया.

 

वह घर आया तब शाम हो गई थी.

उसने मुझसे सामान्य भाव से कहा कि आज मेरा काम पूरा नहीं हो पाया है तो मैं रात को यहीं रुकूँगा.

मैंने कहा- हां ठीक है. खाना तो घर पर ही खाओगे न!

उसने कहा- हां बना लेना.

 

उस वक्त रात के 10 बज रहे थे.

सबका खाना-पीना हो गया था.

सब धीरे-धीरे सोने लगे थे.

 

तब मैंने उसे व्हाट्सएप पर मैसेज किया- चुपचाप मेरे रूम में आ जाओ.

 

वह बाथरूम जाने के बहाने से मेरे रूम में आ गया.

अभी वह गेट पर ही खड़ा था.

 

मैंने कहा- अन्दर आकर बैठ जाओ न!

लेकिन वह नहीं बैठा.

शायद डर रहा था कि रात को मैंने चुपचाप क्यों बुलाया है.

 

वह बोला- बताओ न क्यों बुलाया मुझे?

मैंने कहा- सब सो गए हैं … डरो मत!

उसने कहा- हां मैं ठीक हूँ. वैसे भी सब बहुत देर पहले सो गए हैं. तुम क्यों नहीं सोई?

मैंने कहा- आज तो मुझे भी नींद नहीं आ रही है.

 

उसने पूछा- मुझे किस काम के लिए बुलाया है, बताओ … नहीं तो मैं जा रहा हूँ.

मैंने कहा- तुमसे एक बात करनी है. अगर किसी से न कहोगे तो बता सकती हूँ.

 

उसने कहा- ठीक है, जल्दी बताओ वरना कोई आ जाएगा.

मैंने कहा- आज कोई नहीं आएगा. मेरे पति बाहर गए हैं और बच्चे दूसरे कमरे में सोये हैं.

 

मेरी बात सुनकर वह मेरे कमरे से वापस जाने लगा.

 

पहले मुझे लगा कि यह नहीं पटेगा.

फिर मैंने देखा तो वह बाहर बने बाथरूम में सुसू करने गया था.

 

मैंने सोचा कि अब टाइम खराब करने से कोई फायदा नहीं. इसको पटाना है तो खुलना ही पड़ेगा!

 

एक बार फिर से सब सोच कर मैंने निर्णय ले लिया.

मैंने अपने रूम की लाइट बंद कर दी और अपने कपड़े उतार दिए.

मैं बिल्कुल नंगी होकर खड़ी हो गई.

 

वह बाथरूम से निकल कर वापस अपने रूम में जाने लगा था कि मैंने उसे हल्की सी आवाज लगाई ‘सुनो न!’

वह रुका और मेरे रूम में आ गया.

 

उसने देखा कि कमरे की लाइट बंद है.

उसने अपने फोन की फ्लैश ऑन की और मुझे देखा.

 

मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी.

वह मुझे देखता ही रह गया.

 

वह मेरे करीब आकर बोला- ये सब क्या कर रही हो तुम?

मैंने कहा- बस थोड़ी तड़प है … बुझा दो प्लीज!

 

इतना कहते ही मैंने उसे अपने पास खींचा.

उसका हाथ पकड़ कर उसे अपने सीने से चिपटा लिया और उसे अपने जिस्म से रगड़ने लगी.

उसके गालों पर, होंठों पर, गले पर किस करने लगी.

 

बस फिर उससे भी नहीं रहा गया.

उसने भी अपने कपड़े उतार दिए.

 

मुझे कस के पकड़ा, मेरे होंठों की खुशबू सूंघता रहा और तेज-तेज किस करने लगा.

 

मैं भी मदहोश होने लगी.

 

उसने मुझे पीछे से पकड़ा और मेरे जिस्म से चिपक गया.

उसने मेरे दोनों बूब्स हाथों में लेकर दबाना शुरू कर दिया.

 

मुझे भी सेक्स चढ़ने लगा.

मेरी चुत में आग तो बहुत दिनों से लग रही थी … बस मैं भी मचल गई.

 

उसने मेरा खड़े-खड़े पूरा जिस्म चूम लिया.

मैं बस सिसकारियां भरती रही.

 

मुझे दीवार के सहारे खड़ा करके वह बैठ गया और मेरी चूत पर किस करने लगा.

मैं भी धीरे-धीरे अपनी टांगों को फैलाने लगी.

 

इतना सब करने में ही मेरी चूत पानी छोड़ने लगी.

 

फिर उसने मेरी चूत अपने मुँह में भर ली और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा.

मेरी तो चीख निकलने वाली थी, इतना करते ही मेरा गला सूख गया.

 

मेरी चूत को फैलाकर वह जीभ से चाटने लगा.

फिर वह ऊपर आया और मेरे बूब्स को अपनी जीभ से चाटने लगा.

 

धीरे-धीरे उसने मेरे दोनों बूब्स एक साथ पकड़ कर मुँह में भर लिया और चूसने लगा.

 

मेरे अन्दर की आग और तेज हो गई.

मुझसे रहा नहीं गया.

 

मैंने उसे रोका और नीचे बैठ गई.

उसका लंड खड़ा हुआ था, हल्का सा पानी निकल रहा था.

 

मैंने कुछ न सोचा, अपनी आंखें बंद कीं और उसका लंड मुँह में ले लिया.

मैं उसके लौड़े को धीरे-धीरे चूसती रही.

 

कुछ ही पल बाद उसका लंड एकदम तन सा गया.

अब उसका लौड़ा इतना कड़क हो गया था कि वह मेरे मुँह के पूरा अन्दर तक जाने को तैयार हो गया था.

 

उसने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपना पूरा लंड मेरे मुँह में अन्दर कर दिया.

मेरा दम घुटने लगा.

 

आधा मिनट तक वह मेरे गले में अपने लंड को फंसाए रहा.

 

फिर उसने लंड निकाल कर मुझे खड़ी करके दीवार से लगा दिया.

अब वह मेरी चूत फैलाकर अपना लंड लगाने लगा.

 

मेरी चूत में से बहुत पानी निकल रहा था.

उसने छेद में लंड फंसाया और सुपारा अन्दर करके मेरे मुँह को अपने मुँह से दबा कर अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया.

 

बहुत दिनों तक सेक्स न करने की वजह से मेरी चूत सिकुड़ गई थी.

उसका मोटा लंड मेरी चूत को चीरते हुए अन्दर जा रहा था.

 

मेरी चीख निकलने को थी मगर उसके मुँह के कारण मैं चीख ही न सकी.

 

लंड पेलने के साथ ही वह अपने दोनों हाथों से मेरे बूब्स को भींच रहा था.

कुछ ही पलों बाद मैं संयत हो गई थी और उसे किस करने लगी थी.

 

मैंने उसका पूरा मुँह ही चाट लिया.

वह अब और तेज-तेज धक्के मारने लगा. मुझे उससे चुदने में खूब मजा आने लगा.

 

फिर उसने मुझे घोड़ी बनाया, पीछे से लवड़ा डाला और तेज-तेज धक्के मारने लगा.

उसका लंड मेरी चूत में एक डंडे की तरह ज़ोर मार रहा था.

 

मुझे इतना मजा आने लगा कि मैं उस समय सब कुछ भूल गई थी.

बस आज मुझे किसी भी तरह अपनी आग मिटानी थी.

 

करीब 20 मिनट तक वह मुझे घोड़ी बनाकर चोदता रहा.

मेरी कामुक सिसकारियां निकलती रहीं.

 

अब उसने मुझे सीधी लिटा दिया और मेरी टांगें खोल दीं.

मेरी चूत फैल गई थी.

 

उसने अपना लंड मेरी चूत में डाला और पूरा अन्दर करके तेज-तेज धक्के मारने लगा.

मेरी चीख निकलने वाली ही थी कि उसने मेरा मुँह अपने मुँह से पकड़ लिया.

 

उसका मोटा लंड 6 इंच का था लेकिन खड़ा होने पर वह 8 इंच का लग रहा था.

 

करीब 25 मिनट तक वह मुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदता रहा.

 

तभी एकदम से मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और मेरी चूत का पानी निकल गया.

मैं बहुत तेजी से आह आह करती हुई झड़ गई.

 

फिर उसने अपना लंड मेरी चुत से बाहर निकाला.

उसका लंड मेरी चूत के पानी से पूरा गीला हो गया था.

मेरी चूत अभी भी फड़क रही थी.

 

उसने अपना लंड तेजी से हिलाया और अपना पानी मेरी चूत के मुँह पर रखकर सारा पानी निकाल दिया.

 

उसका पानी देखकर मन कर रहा था कि पी जाऊं बस … लेकिन नहीं पिया.

मैंने सोचा, सब कुछ इसके साथ कर लूँगी तो अपने पति के लिए क्या छोड़ूँगी.

 

फिर हम अलग हो गए.

वह धन्यवाद कहकर अपने रूम में चला गया और सो गया.

 

मैं भी सो गई, नंगी ही रह कर … उसके लंड का पानी चूत में लिपटा कर.

 

उस एक घंटे में मुझे इतना मजा आया कि मैं कुछ कह ही नहीं सकती.

 

आधी रात को मुझसे रहा न गया और मैं वापस उसके कमरे में आ गई.

 

वह जाग रहा था और अपने खड़े लंड को सहला रहा था.

शायद उसका मन भी मुझको चोदने का हो रहा था.

 

मैं दरवाजा बंद करके उसके ऊपर चढ़ गई.

उसने मेरी चुत में लंड सैट कर दिया और गांड उठा दी.

उसका लंड मेरी चुत में घुस गया.

 

हम दोनों चुदाई का मजा लेने लगे.

वह मेरे दूध चूस चूस कर मुझे अपने लौड़े पर उछाल रहा था.

 

मैंने उससे पूछा- कब से चोदना चाह रहे थे?

वह बोला- शादी से पहले से ही. मैं तो तुमसे शादी ही करना चाहता था लेकिन कह ही न सका.

मैंने कहा- चलो अब मैं तुमसे चुदवा लिया करूंगी.

 

वह मुझे चूमने लगा और हॉट भाभी सेक्स यानी चुत चुदाई का मजा लेने लगा.

 

हम दोनों एक दूसरे में पूरी तरह से समा गए थे और आस पास की दुनिया को भूल गए थे.

 

मस्त चुदाई हो रही थी.

 

कुछ ही देर में मैं झड़ गई और वह मुझे नीचे लिटा कर मेरे ऊपर चढ़ गया.

उसने मेरी रेल बना दी और आधा घंटा तक मुझे हचक कर चोदा.

 

उस चुदाई से मैं तृप्त हो गई थी और अपने कमरे में जाकर सो गई.

 

यह थी मेरी चुत की प्यास बुझाने के लिए गैर मर्द के लंड से चुदवाने की सेक्स कहानी.

आपको यह हॉट भाभी सेक्स कहानी कैसी लगी? प्लीज मेल व कमेंट्स में जरूर बताएं.

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