भाई बहन की चुदाई भरी रंगीन रात

(Family Sex Stories) 2

Akash Kumar 2026-05-21 Comments

सिस्टर चुदाई कहानी में मेरी चचेरी बहन बहुत सेक्सी माल है. एक रात मैं उसके घर में उसके साथ अकेला था. मेरा लंड खडा हो रहा था उसकी गांड देख कर.

फ्रेंड्स, पहले मैं अपना परिचय दे देता हूँ.
मेरा नाम आकाश है. मैं हैंडसम हूँ और मेरा लंड छह इंच का है.

मेरी कजिन बहन दिखने में बहुत सुंदर है.
उसका नाम भग्या है.
कोई भी देखेगा तो उसका लंड खड़ा हो जाएगा.
उसकी गांड, उसके बूब्स, उसका चेहरा… और उसकी नाक तो इतनी सेक्सी है कि क्या ही लिखूँ.

उसका चलने का स्टाइल … वाह साली मस्त माल है एकदम.

वह मेरी आंटी की बेटी है यानी मेरी चचेरी बहन है.
वह मुझसे चार साल बड़ी है.
उसकी उम्र 26 साल है और मेरी 22 साल.

उनके घर में सब कुल 4 लोग हैं. उसका छोटा भाई और मम्मी-पापा.

सिस्टर चुदाई कहानी तब की है जब उसके पापा की इलेक्शन ड्यूटी किसी दूसरी जगह लग गई थी इसलिए वे घर पर नहीं थे.

एक दिन बाद भग्या की मम्मी अपने बेटे को लेकर मामा के घर चली गई थीं.
उनके घर में किसी की तबियत खराब हो गई थी.

घर पर भग्या ही अकेली थी.

उसी दिन भग्या के पापा का कॉल आया.
वे मुझसे बोले- आकाश, रात में हमारे घर पर ही सोने आ जाना, तेरी दीदी अकेली है.
मैंने ओके कह दिया.

चाचा का घर मेरे घर से सिर्फ एक किलोमीटर दूर था.
मैं रात में करीब साढ़े दस बजे गया.

तब दीदी टीवी देख रही थी.
मैं भी जाकर उसके साथ बैठ गया और देखने लगा.

कुछ मिनट बाद दीदी ने कहा- खाना खा लो.
मैंने कहा- मैं खा कर आया हूँ.

फिर वह बोली- तुझे नींद आ रही है, तो बिस्तर लगा दूँ?
मैं हां कह दिया.

दीदी ने मेरा बिस्तर हॉल में लगाया और अपना बेडरूम में.
मैंने पूछा- तुम रात में डर नहीं जाओगी? इसीलिए तो तुम्हारे पापा ने मुझे यहां सोने के लिए कहा था … और तुम हो कि बेडरूम में अकेली सो रही हो!

दीदी ने मेरी बात मान ली और बोली- ठीक है, दोनों हॉल में ही सोते हैं.

करीब साढ़े ग्यारह बजे वह मोबाइल देख रही थी और मैं भी.
वह मेरी तरफ गांड करके सो रही थी.

अचानक मेरी नजर उसकी गांड पर पड़ी और मेरा लंड पैंट में टाइट हो गया.

मैंने मोबाइल में सेक्स वीडियो लगा दिया और वॉल्यूम दो पॉइंट पर रखा ताकि आवाज उसे भी सुनाई दे जाए.

अचानक वह मुड़ी तो मेरा मोबाइल गिर गया.
उसने झट से उठाया तो देखा कि सेक्स वीडियो चल रहा था.

दीदी ने सीन देखते ही मोबाइल बंद कर दिया और मुझे डांटने लगी.
मैंने कहा- इसमें क्या गलत है यार … देखो ना, मैं भी 18 प्लस हूँ और तुम्हें भी तो देखने का मन करता होगा?

वह चुप रही.

मैं बोला- जब मैंने तुम्हें पीछे से देखा, तो कंट्रोल नहीं हुआ. तुम्हें टच भी तो नहीं कर सकता था, इसलिए वीडियो लगा दिया.
वह बोली- क्या मैं इतनी सेक्सी हूँ कि तुम्हारा खड़ा हो गया?

ये सुनते ही मैं समझ गया कि आज रात काम बन सकता है.
मैंने तुरंत कहा- हां यार दीदी बहुत सेक्सी दिखती हो तुम!

तभी उसने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया.

मैं थोड़ा डरा हुआ था, वह ये जानती थी.

और अचानक उसने मुझे अपनी ओर खींच लिया.
उसके होंठों से मेरे होंठ लग गए.
मैंने किस किया तो वह भी लग गई.

वह इतनी प्यासी थी कि एक मिनट तक बिना सांस लिए मुझे किस करती रही.

फिर जब हमारे होंठ अलग हुए तो मैं उसे देख कर मुस्कुराने लगा.

दीदी ने कहा- कैसा लगा?
मैंने कहा- एकदम मस्त!

वह बोली- चलो, आज रात रंगीन करते हैं.
मैंने कहा- हां यार, चुदाई का बड़ा मन कर रहा है!

वह हंस कर बोली- बहनचोद बनेगा क्या?
मैंने कहा- तू भी तो भाईचोद बनेगी!

वह हंसती हुई उठी और अपने कपड़े निकालने लगी.
जल्द ही वह ब्रा पैंटी में हो गई.

मैं उसके रूप को देख कर उत्तेजित होने लगा था.
मस्त चूचे थे और भरी हुई गांड थी उसकी.

उसने मेरे कपड़े भी उतारे. मैंने उसकी ब्रा हटा दी.

उसके बूब्स देखते ही मैं दीवाना हो गया उसके लाल लाल निप्पल थे.

वह अपने निप्पल को दो उंगलियों में फंसा कर मुझे देखाती हुई बोली- कैसे हैं मेरे?
मैंने कहा- चैरी से लग रहे हैं!

वह बोली- तुझे चैरी पसंद है?
मैंने कहा- हां बहुत … मैं तो चैरी बहुत मजे से चूस चूस कर खाता हूँ!
वह बोली- तो चूस ले न!

मैं लपक कर उसके निप्पल को अपने होंठों में दबा कर चूसने लगा.
वह आह आह करती हुई मुझसे अपना निप्पल चुसवाने लगी.

कुछ ही देर में मैं उसके दोनों दूध मस्ती से चूसने लगा और मसलने लगा.

मैं पागल हो रहा था तो मैंने उसे झट से चित लिटाया और पैंटी भी निकाल दी.

उसकी चूत भी एकदम लाल थी और पूरी साफ थी.
झांट का एक बाल भी नहीं था चुत पर … मैंने तुरंत चुत पर जीभ लगाई और चाटने लगा.

वह कामुक आवाज भर कर सिसकारने लगी और जोर-जोर से कराहने लगी.
घर में तो कोई था ही नहीं, इसलिए मैं भी बिंदास हो गया था.

दस मिनट तक मैंने उसकी चूत चाटी, उसके बाद वह अकड़ने लगी.

उसकी गांड ऊपर को उठ कर मेरे मुँह में लगने लगी तो मैं समझ गया कि बहन की चुत झड़ने वाली है.

मैंने स्पीड बढ़ा दी.
तभी उसकी चूत ने रस छोड़ दिया … एकदम खट्टा और नमकीन रस था … मैंने सारा जूस पी लिया.

उसके बाद वह निढाल होकर लेटी थी.
मैंने अपना लंड उसके मुँह में दिया.

वह इस तरह से मेरे लौड़े को अपने मुँह में ले रही थी, जैसे कोई रंडी अपने ग्राहक के साथ करती है.

मैंने कहा- तुझे लंड चूसने का इतना एक्सपीरियंस किधर से आया?
उसने कहा- अबे साले … मैं भी मोबाइल पर मुँह में लेने वाले वीडियो देखती हूँ!

मैं हंस दिया और उसके दूध पकड़ कर मसलते हुए लौड़े से बहन का मुख चोदन करने लगा.

कुछ पांच मिनट बाद ही मेरे लौड़े का रस निकल गया.
सने उसी वक्त लंड मुँह से निकाल कर सारा वीर्य अपने चेहरे पर लगवा लिया.

ऐसा मंजर था कि क्या बताऊं आपको …
कुछ स्पर्म उसकी नाक पर, कुछ बूब्स पर और बाकी इधर उधर भी छींटे पड़ गए थे.

साली एकदम छिनाल लग रही थी.

मैं लंबी लंबी सांसें लेता हुआ अपनी बहन का यह कामुक रूप देख रहा था.

उसके बाद वह उठी और बाथरूम चली गई. मैं भी उसके पीछे चला.
अन्दर जाते ही हमने किस किया और मैंने शॉवर चालू कर दिया.

हम दोनों पानी में भीगने लगे.

मैंने दीदी की चूत साफ की … मतलब पानी लगा कर धोई.

वह समझ गई थी कि अब मैं उसकी चुत को लंड से पेलने वाला हूँ.
उसने कहा- मैं आज तक किसी से चुदवाई नहीं हूँ, थोड़ा आहिस्ते आहिस्ते से चोदना .. मैंने अब तक सिर्फ फिंगर से काम चलाया है.
मैंने कहा- ठीक है.

मैंने उसे फर्श पर लिटा दिया.
जब मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा तो बहुत गर्म थी.
मेरा लंड चूत की गर्मी पाते ही उछाल मारने लगा.

मैंने सुपारे को चुत की फांक में सैट किया और हल्के से धक्का दे दिया.

वह दर्द से मचलने लगी.
मैंने उसे कस के पकड़ा और जोर से झटका दिया.
इस बार आधा लंड उसकी चूत में घुस गया.

वह दर्द से चिल्लाने लगी.
मैं थोड़ी देर रुका रहा और उसे किस करने लगा.

जैसे ही वह किस में मगन हुई, मैंने वापस धक्का दे दिया और पूरा लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया.

उसकी आंखें पथरा गईं और कंठ से कुछ निकलने को हुआ भी, तो मेरा मुँह उसके मुँह पर ढक्कन के जैसे लगा हुआ था.
वह चीख ही न सकी.

मैं कुछ देर रुका रहा और धीरे-धीरे से चोदने लगा.
फिर मैंने उसका चेहरा देखा तो आंसुओं के पानी से भीगा हुआ था और फव्वारे के पानी से अछूता था.

उसकी नाक लाल हो चुकी थी, वह गजब का माल दिख रही थी.
उसकी नाक इतनी सेक्सी लग रही थी कि नाक में ही लंड ही डाल देने का मन करने लगा था.

अब धकापेल शुरू हुई तो वह भी मजा लेने लगी.

कुछ देर बाद मैंने चुत से लंड खींचा तो खू.न से लाल हुआ पड़ा था.
वह जरा देर के लिए डर सी गई थी कि ये क्या हुआ, फिर मालूम तो उसे भी था कि सील टूटती है तो लालिमा बाहर दिखाई देती ही है.

अब वह मुझे देखने लगी कि कहीं मैं झड़ तो नहीं गया!

मैंने पानी से लंड को साफ किया और वापस उसकी चुत में पेलने लगा तो वह बोली- पीछे से करो.
मैंने कहा- ओके चलो डॉगी बनो!

वह वासबेसिन पकड़ कर कुतिया बन गई और मैं पीछे से उसकी चुत चुदाई करने लगा.

इस बार मैं उसके दोनों दूध पकड़ कर उसे चोद रहा था तो बड़ा मजा आ रहा था.

फिर उसने वापस फर्श पर मुझे चित लेटने को कहा और मेरे लौड़े पर बैठ कर चुत चुदवाई.

हम दोनों ने कई तरह से चुदाई का मजा लिया.

करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों ने रस छोड़ दिया और वहीं नहा धो कर बाहर आए.
हम दोनों नंगे ही बिस्तर पर सो गए.

रात में हम दोनों ने एक बार और सेक्स किया.

सुबह जब मैं उठा तो देखा वह चाय बना रही थी.
वह ज़रा घबरा रही थी.

मुझे देख कर कहने लगी- किसी को कुछ पता चल गया तो क्या होगा?
मैंने कहा- कुछ नहीं होगा. न तुम बताओगी और न मैं … इसमें डरना क्या?

उसके बाद हम दोनों ने चाय पी और फ्रेश हुए.
कुछ देर बाद मेरी दीदी फिर से मेरे नज़दीक आ रही थी.

मैंने उसे अपनी बांहों में लेकर किस किया तो वह मुझसे चिपक गई.
हम दोनों अब तक नंगे थे.

बिस्तर पर लेट कर मस्ती शुरू हो गई.

फिर दीदी ने मुझे एक वीडियो दिखाया.
उसमें लड़का लड़की को गर्म कर रहा था.
वह अपनी उंगली से चुत चोद रहा था.

मैंने भी ऐसे ही शुरू किया.
वह चिल्ला रही थी.
उसकी चूत से मूत इतना ज्यादा निकला कि मेरा सारा चेहरा भीग गया, चुत से एक लंबी धार निकली.

उसे बड़ा मजा आ रहा था.

उसके बाद मैंने कहा- दीदी, मुझे तुम्हारी गांड मारनी है!
वह मना करने लगी.

मैंने बहुत कहा, वह नहीं मानी.
फिर मुझे गुस्सा आया, तो मैंने उसे जबरदस्ती पकड़ कर उल्टा लिटा लिया.

वह मना करने लगी, मैंने उसकी एक नहीं सुनी.

वह चीखने लगी- साले मत कर … चलने में दिक्कत हो जाएगी तो सबको मालूम चल जाएगा!
मैंने कहा- कह देना कि गिर गई थीं.
वह चुप हो गई.

मैंने उसकी गांड के सुराख में क्रीम लगाई और लंड लगा कर जोर से धक्का दे दिया.

वह जोर से चीखने लगी.
मैंने उसके मुँह को हाथ से दबा लिया और पेलने लगा.

वह रोने लगी.

दस मिनट बाद वह सामान्य हुई.

मैंने उससे सॉरी कहा और मना लिया. फिर कुतिया बनाए हुए ही चुत को चोदा.

कुछ मिनट बाद मैंने वापस गांड छोड़ी और इस बार अपना स्पर्म उसकी गांड में छोड़ दिया.

वह मुझसे चिपक गई और हम दोनों बाथरूम में जाकर नहाने लगे.

उसे दर्द हो रहा था तो मैंने उसे एक पेनकिलर खिला दी.

उसके बाद जब भी मौका मिलता, उसकी गांड मार लेता.
उसकी गांड और ज्यादा भर गई थी.
मैं जब भी उसकी गांड को देखता तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है.

अब तक मैं अपनी बहन को काफी बार चोद चुका हूँ.
वह मेरे लौड़े से चुत गांड दोनों मजे से चुदवाती है.

आपको मेरी यह सिस्टर चुदाई कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.

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