गर्लफ्रेंड के साथ पहली चुदाई उसी के घर में
(First Time Sex) 2
वर्जिन GF सेक्स स्टोरी में कॉलेज में मेरी दोस्ती एक लड़की से हुई। मैंने उसे प्रोपोज किया और मैं उसे चोदने के लिए दोस्त के फ्लैट में ले गया. मैंने उसके साथ फॉर प्ले किया लेकिन उसने सलवार नहीं उतारी.
दोस्तो! मेरा नाम अजय है।
मेरा कद 5 फीट 6 इंच है।
मैं जयपुर के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता हूँ।
यह वर्जिन GF सेक्स स्टोरी मेरी दोस्त कोमल की चूत चुदाई की है.
कॉलेज में मेरी दोस्ती कोमल से हुई जो चूरू की रहने वाली थी।
वह एकदम दूध जैसी गोरी और बेहद कमाल की लड़की थी।
उसका 32-28-34 का सुडौल जिस्म किसी को भी दीवाना बना दे।
हम जहाँ भी जाते, साथ जाते थे।
कभी कॉलेज बंक मारकर फिल्म देखने जाना तो कभी कैफ़े में घंटों बातें करना—ऐसे करते-करते एक साल बीत गया।
मेरे एक दोस्त का जयपुर में ही अपना फ्लैट था, जहाँ हमारा आना-जाना शुरू हुआ।
एक दिन मेरे दोस्त ने मिलकर फ्लैट सजाया और मैंने कोमल को वहाँ ले जाकर प्रपोज़ कर दिया।
फिर क्या था, हमारा फ्लैट में आना-जाना लगा रहता था।
एक दिन मैंने सोचा क्यों ना कोमल के साथ नज़दीकियाँ बढ़ाई जाएँ।
मैं उसे फ्लैट पर लेकर गया और वहाँ उसे हग (hug) करके चूमने लगा।
वह भी मेरा साथ देने लगी।
मैंने धीरे से उसके सूट में हाथ डालकर उसके अंगों को सहलाना शुरू किया तो वह सिसकियाँ लेने लगी।
मेरा उत्तेजना के मारे बुरा हाल था।
मैंने कोमल का सूट उतारकर उसे बेड पर लेटा दिया।
हरे रंग की ब्रा में वह कयामत लग रही थी।
मैं उस पर टूट पड़ा और उसके अंगों को चूसने लगा।
जब मैं उसकी सलवार उतारने लगा तो उसने मना कर दिया, “अभी नहीं!”
उसने कहा।
मेरे बहुत मनाने पर भी वह नहीं मानी।
मेरा दिमाग खराब हो गया.
पर मैं जबरदस्ती नहीं करना चाहता था क्योंकि उसमें मज़ा नहीं आता।
फिर हम वहाँ से चल दिए।
मेरे दोस्तों ने पूछा कि भाई, काम बना या नहीं?
मैं कुछ ना बोला।
तभी मेरे दोस्त राहुल की गर्लफ्रेंड सेजल वहाँ आई।
वह भी बहुत खूबसूरत थी।
राहुल ने उसके बारे में सब बता रखा था कि उसने सेजल के चक्कर में ही यह फ्लैट लिया था।
वह उसे वहाँ ले जाकर शारीरिक संबंध बनाता था यानी उसकी चूत मारता था।
राहुल उनकी चुदाई के वीडियो भी बनाता था और मुझे दिखाए भी थे।
राहुल हफ्ते में 2-3 बार सेजल को फ्लैट पर लाता था और यहाँ मैं कोमल के साथ कुछ नहीं कर पा रहा था।
फिर भगवान ने मेरी सुन ली।
छुट्टियाँ चल रही थीं और कोमल के घर वालों को किसी शादी में जाना था।
उसने मुझे बताया और पूछा, “मेरे घर आओगे? घर वाले एक हफ्ते के लिए बाहर जा रहे हैं, हम साथ में प्रोजेक्ट का काम भी कर लेंगे।”
कोमल ने कहा तो मैंने तुरंत हाँ कर दी।
मैंने ट्रेन की टिकट करवाई ताकि रात में कोमल के घर पहुँच जाऊँ और किसी को पता न चले।
मैंने पूरी तैयारी की, शरीर की सफाई की और अलग-अलग फ्लेवर के कंडोम खरीद लिए।
रात के 1 बजे मैं उसके घर पहुँच गया।
मैंने उसे गले लगाया और चूमने लगा।
वह खाना लेकर आई, हमने साथ खाया और फिर सो गए।
सुबह कोमल कॉफ़ी लेकर आई।
मेरा शरीर उत्तेजना से भरा था.
पर वह बोली, “चलो प्रोजेक्ट करते हैं!”
मैंने कहा- ठीक है।
जैसे ही वह लैपटॉप निकालने के लिए मेरे बैग की तरफ बढ़ी, मैंने उसे रोक लिया।
मुझे डर था कि कहीं वह कंडोम न देख ले, वरना बात बनने से पहले ही बिगड़ जाती।
हमने काम शुरू किया।
2 घंटे बाद हमने लाइट बंद करके वेब सीरीज देखना शुरू किया।
कोमल मेरी गोद में आकर बैठ गई।
सीरीज़ में सेक्स सीन देखकर मेरी उत्तेजना बढ़ गई।
उसे महसूस हुआ तो वह बोली, “यह क्या चुभ रहा है?”
मैंने ध्यान नहीं दिया, पर जब उसने हाथ लगाकर देखा तो वह समझ गई।
मैं खड़ा हो गया, मेरी स्थिति जींस फाड़ने जैसी हो रही थी।
कोमल बोली, “अरे! यह क्या हो रहा है?”
“देख लो, अब तुम्हीं इसे शांत कर सकती हो!” मैंने कहा।
वह पहले मना करने लगी।
मैंने उसे अपने पास खींचा और चूमने लगा।
वह दूर भागने लगी पर मैंने उसे नहीं छोड़ा।
चूमते-चूमते मैंने उसका कमीज उतार दिया।
वह मेरे सामने सिर्फ अंतःवस्त्रों में थी।
मैंने भी अपने कपड़े खोल दिए।
मेरा लंड देखकर कोमल की आँखें फटी की फटी रह गई क्योंकि उसने पहली बार ऐसा कुछ देखा था।
मैंने उसे नंगी कर गोद में उठाया और बेड पर लेटा दिया।
वह शर्मा रही थी, पर मैं उस पर टूट पड़ा।
मैंने उसे पूरी तरह संतुष्ट करने की कोशिश की।
उसकी सफाई देखकर मैंने पूछा, तो उसने बताया कि वह खुद का ध्यान रखती है।
करीब 20 मिनट तक प्यार करने के बाद वह पूरी तरह तैयार हो गई।
मैं अपना बैग लाया और सारे कंडोम बेड पर पटक दिए।
वह हैरान होकर बोली, “साले! यहाँ पूरी तैयारी से आया है!”
मैं हँसने लगा और पूछा, “कौन सा फ्लेवर लेगी?”
उसने बबलगम फ्लेवर उठाया।
मैं 4 डिब्बी कंडोम लेकर गया था।
उसने मुझे कंडोम पहनाया।
उसने मुझे कंडोम पहनाया और मैं उसके हुस्न को निहारने लगा।
मैंने कोमल को धीरे से अपनी बाहों में भरा और उसके चेहरे पर प्यार भरी नज़र डाली।
“तैयार हो ना?” मैंने धीरे से पूछा!
उसने शर्माते हुए अपनी आँखें झुका लीं और बस धीरे से सिर हिला दिया!
मैंने उसे धीरे से बेड पर लेटाया और उसके रेशमी बदन को सहलाने लगा।
मेरी छुअन से कोमल की सिसकियाँ बढ़ने लगीं।
मैंने उसके जिस्म के हर हिस्से को चूमना शुरू किया, जिससे वह उत्तेजना में झूम उठी।
मैंने अपनी स्थिति बनाई और धीरे से अपनी उत्तेजना को उसकी चुत के मुहाने पर रखा।
जैसे ही मैंने पहला हल्का धक्का मारा, लण्ड फिसल गया।
मैंने फिर कोशिश की और धीरे से दबाव बनाया, तो लण्ड थोड़ा सा अंदर धँस गया।
पहली बार होने की वजह से कोमल की आँखों में आँसू आ गए और वह कराहने लगी।
“आह! बहुत दर्द हो रहा है… रुक जाओ!” वह रोते हुए बोली!
उसने मुझे पीछे धकेलने की कोशिश की लेकिन मैं उसके ऊपर लेटा रहा और उसे चूमकर शांत करने लगा।
मैंने धीरे-धीरे अपनी लय बनाई और एक गहरा धक्का मारा।
अब मेरा पूरा लण्ड कोमल की तंग चुत में समा चुका था।
कमरे में उसकी सिसकियों और आहों की आवाज़ गूँजने लगी।
“हाय मर गई! आराम से… बहुत दर्द हो रहा है बेबी… उफ़्फ़!” कोमल चीखने लगी!
शुरुआती दर्द के बाद उसे धीरे-धीरे मज़ा आने लगा।
उसकी सिसकियाँ अब आनंद की आहों में बदल चुकी थीं।
मैंने धका-पेल चुदाई चालू रखी और करीब 20 मिनट तक लगातार प्रहार करता रहा।
कोमल पूरी तरह से मेरे प्यार में खो चुकी थी और बिस्तर की चादर को कसकर पकड़ लिया था।
लेकिन मैंने धीरे-धीरे कार्यक्रम जारी रखा।
कुछ देर बाद हम दोनों चरम सीमा पर पहुँच गए।
अंत में मैं पूरी तरह से झड़ गया और निढाल होकर उसके ऊपर ही लेटा रहा।
जब वह उठी और उसने चादर पर खून के धब्बे देखे, तो वह फिर से रोने लगी।
मैंने उसे सीने से लगाया और प्यार से समझाया कि यह पहली बार में बिल्कुल सामान्य है।
वह मेरी बात समझ गई और फिर मुस्कुराने लगी।
उस दिन की वो शुरुआत हमारे बीच एक अटूट शारीरिक और मानसिक रिश्ते में बदल गई।
उस दिन मैंने कोमल के साथ 4 बार सेक्स किया।
अगले दिन हमने मिलकर चादर धोई और साथ में नंगे नहाते सेक्स का मजा ले रहे थे.
पूरा हफ्ता हमने जमकर मज़े किए।
कमरे में इस्तेमाल किए हुए कंडोम बिखरे पड़े थे।
जाने से पहले मैंने सब समेटा और रास्ते में फेंक दिया।
जयपुर जाकर मैंने हमारी उन यादों (तस्वीरों और वीडियो) को सुरक्षित कर लिया।
इसके बाद कॉलेज में भी हमारा यह सिलसिला चलता रहा।
कभी रूम पर तो कभी कहीं और।
एक बार तो हम इस्तेमाल किया हुआ कंडोम कॉलेज में ही भूल आए थे, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन काफी सख्त हो गया था।
पर हमें क्या, हमारे पास दोस्त का फ्लैट था।
एक बार कोमल गर्भवती भी हो गई थी, तो मैंने उसे गोलियाँ दीं।
अब कोमल की शादी हो चुकी है और वह दो बच्चों की माँ है।
पर उन बच्चों में से एक बच्चा हमारे प्यार की निशानी है।
अगर उसके पापा शादी के लिए मान जाते तो आज हम साथ होते।
कोमल अब मुझसे कम मिलती है पर मेरे जन्मदिन पर ज़रूर आती है और हम फिर से वही पुराने दिन जीते हैं।
कोमल के प्यार की वजह से ही मैंने आज तक शादी नहीं की।
आपको मेरी वर्जिन GF सेक्स स्टोरी कैसी लगी? कमेंट करके ज़रूर बताना!
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