दोस्त की बीवी और गर्लफ्रेंड को साथ में बजाया

(Group Sex Stories) 1

Akash Kumar 2026-05-21 Comments

2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी में मेरे पड़ोसी की बीवी मस्त थी. उसका पति भी रंदिबाज था. वह मेरी गर्लफ्रेंड को चोदने की नजर से देखता था. एक दिन उसने मुझे अपने घर बुलाया.

मेरे बगल में एक भाभी रहती थीं।
देखने में बिल्कुल शरीफ और सीधी-साधी, लेकिन एकदम पेलने लायक मस्त माल!
भाभी का नाम रश्मि था।

उनका पति मुकेश अय्याश था, उसका काम ही रंडीबाजी था।
उसके पति से मेरी ठीक-ठाक जान-पहचान थी।

एक दिन उसने मुझे घर पर डिनर पे बुलाया।

उसी दिन यह 2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी बनी.

उस दिन भाभी ने साड़ी पहनी थी जिसमें उनकी कमर एकदम मादक लग रही थी।

उनकी गांड साड़ी में क्या खूब मटक रही थी!
मन कर रहा था गांड को दबा दूँ, कमर पकड़ के भाभी को झुका दूँ और साड़ी उठा के लंड गांड में डाल दूँ।
उनकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ चाह रही थीं कि उनको कस के भींच लूँ और उनका रस चूस-चूस के पीने लगूँ।

जब मैं भाभी को निहार रहा था, तभी उनके पति ने मुझे देख लिया और मुस्कुराया।

थोड़ी देर बाद भाभी आकर हमारे पास बैठ गईं।
मुझे बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि मुकेश भैया ने मुझे रश्मि भाभी को चोदने के लिए ही बुलाया था।

रश्मि भाभी एक मस्त माल थीं— बड़ी चूचियाँ, टाइट गांड और गोरा रंग; एकदम मादक बदन था।

मुकेश जितना हरामी था, उतना ही गज़ब का चोदू भी था।
वह मेरे फ्लैट पे आने-जाने वाली हर लड़की पे नज़र रखता था।

उसकी नज़र मेरी ऑफिस कलीग तान्या पे थी, जो अक्सर मुझसे चुदने आती थी।
उसकी गांड का उभार किसी का भी लंड खड़ा करने के लिए काफी था।

मुझसे जब भी मिलता था, एक बार तान्या के बारे में जरूर पूछता था- कैसी है तेरी दोस्त?
मैंने उसे तान्या को अपनी दोस्त बताया था।

तान्या के बारे में बता दूँ, वह एक मस्त चुदासी लड़की है और उसे दारू का खूब शौक है।
नशे में वह और भी चुदकड़ और वाइल्ड हो जाती है।

उसकी जाँघें मांसल हैं, चूचियाँ नशीली और लंड चूसने में उसने जैसे पीएचडी कर रखी है।
उसकी चुत रसीली है; उसे चोदने में गज़ब का मजा आता है।
तान्या को चुदना पसंद है और मुझे चोदना।

तान्या के बारे में आपको इसलिए बता रहा हूँ, क्योंकि मुकेश ने भाभी की चुत, तान्या की चुत लेने के बदले ही मुझे दिलाई थी।

थोड़ी इधर-उधर की बातों के बाद मुकेश मुद्दे पे आ गया।
वह बोला, “अजय, तू भी गज़ब लड़कियाँ ठोकता है! तेरी गर्लफ्रेंड क्यूट है, खूबसूरत है, फिर भी उसके साथ-साथ औरों को भी बजाता है! तेरी चुदाई के किस्से सोसाइटी की पायल ने सुनाए हैं कि कैसे तूने उसका तबला बजा-बजा के फाड़ दिया था!”

मैं उसकी इतनी खुली बात से चौंक गया और समझ गया कि आज रश्मि भाभी चुदेंगी।

मैं बोला, “भैया, ठोकता ही ऐसा हूँ कि एक बार ठुकाई के बाद चुत को मेरे लौड़े का नशा हो जाता है! और रही बात पायल आंटी की, तो वह खुद चल के आई थीं मुझे परखने। मैं खुद चल के आई चुत का भूत उतारना अच्छी तरह जानता हूँ!”

मुकेश बोला, “बातों से तो कोई भी चोदू बन सकता है गुरु! पायल का क्या है, वह तो मेरे आगे 10 मिनट में हाँफने लगती है रंडी!”
मैं बोला, “रश्मि भाभी को बचा के रखना भैया! मैं अगर भाभी के ऊपर कभी चढ़ गया, तो उस दिन चुत को चौराहा बना दूँगा!”

रश्मि यह सुन ताव में आ गई और बोली, “साले, लंड निचोड़ दूँगी! कहीं हल्के में ले रहा है क्या मुझे!”
मैंने जवाब दिया, “भाभी, देवर आपका हवा में बातें नहीं करता! जिस दिन चढ़ूँगा ऊपर, चुत की चटनी बना दूँगा!”

मुकेश बोला, “अजय, दिया मौका! बना भाभी को चोद के उसकी चुत की चटनी! लेकिन मुझे भी तान्या की चुत चाहिए। साली को जब भी देखता हूँ, मन करता है चुत खा जाऊँ उसकी! गांड मार-मार के उसकी सुजा दूँ, कमाल लगती है यार!”

अब मैं चुदाई के पूरे मूड में आ गया और मेरा लौड़ा कुतुबमीनार बना हुआ था।

मैंने रश्मि भाभी को इशारे से बुलाया और वह मेरे पास आ गई।

मैंने उसका पल्लू हटाया; उसकी ब्लाउज में कसी चूँचियाँ मेरे सामने थीं।
मैंने एक झटके में उसका ब्लाउज फाड़ दिया और दोनों चूचियों को हाथों से मसलते हुए बोला, “लौड़ा चूस रांड! आज तेरा देवर तुझे अपने लौड़े की सवारी कराएगा और तेरी गांड और बुर का भोसड़ा बनाएगा!”

रश्मि ने मेरी पैंट खोली और जैसे ही मेरा लौड़ा देखा, उसकी आँखें चमक गईं।
मेरा 8 इंच का मोटा लौड़ा देख के वह बोली, “बाप रे! यह तो मूसल है!”
फिर मुकेश की तरफ देख के बोली, “कमाल का लंड है अजय का!”

मुकेश भी अब जोश में आ गया और बोला, “रांड, तेरी चुत की गर्मी आज हम दोनों बुझाएंगे! तुझे बहुत आग लगी है ना? आज तू मेरी बीवी नहीं, एक रंडी है! और तू आज देखेगी कि रंडी कैसे चोदता हूँ मैं!”

मुकेश का लंड भी ठीक था, मुझसे छोटा था लेकिन मोटा, काला और कड़क था।
उसका लंड भी कई चुत का शिकारी लग रहा था।

मुकेश ने आकर रश्मि का मुँह मेरे लंड पे झुका दिया और उसकी गांड पे एक जोरदार चाटा मारा, फिर अपना लंड उसकी गांड में पेल दिया।
रश्मि के मुँह में मेरा पूरा लौड़ा घुसा था और गांड में मुकेश का लंड।

हम दोनों ने रश्मि को किसी रंडी की तरह चोदना शुरू किया।

थोड़ी देर अपना लंड चुसवाने के बाद, मैंने लंड निकाल के रश्मि को पीछे धक्का दिया।
मुकेश की छाती से उसकी पीठ चिपक गई और मुकेश ने उसे जकड़ लिया।
वह उसकी गांड पे जोरदार प्रहार करने लगा।

मुकेश रश्मि को खड़ा कर पीछे से उसकी गांड बजा रहा था और उसकी चुत मेरे सामने थी।

मैंने भी आगे बढ़ के उसकी चुत को सहलाया, एक उंगली डाल के उसका रस चखा और फिर पूरा लंड चुत में उतार दिया।
रश्मि चीख पड़ी जब मेरा पूरा लंड उसकी चुत फाड़ता हुआ अंदर घुसा।

अब हम दोनों उसे एक साथ बजाने लगे।
हम दोनों के लौड़ों पे टंगी रश्मि भाभी धकमपेल ठुक रही थी।
वह हम दोनों के बीच फँसी थी और दो लंड उसकी गांड और चुत की बोरिंग कर रहे थे।

रश्मि का बुरा हाल था; कभी मुझपे, कभी अपने पति पे वह झूल रही थी।

मुकेश सच में उसे रंडी समझ कर उसकी गांड मार रहा था और उसे गंदी-गंदी गालियाँ दे रहा था।
वह बोल रहा था, “रंडी, अभी तो शुरुआत है! तेरी चुत को बाजार बना दूँगा अब, रांड!”

अब हमने पोजीशन बदली।
अब मैं गांड मारने लगा और मुकेश उसकी चुत।

रश्मि भाभी की चीखें पूरे हॉल में गूँज रही थीं।

हम दोनों ने रश्मि को एक घंटे तक एक साथ चोदा और उसकी गांड और चुत अपने वीर्य से भर दी।
रश्मि जमीन पे पड़ी हाँफ रही थी और उसकी गांड व चुत से वीर्य बह रहा था।

मुकेश रश्मि को देख के बोला, “मजा आया डार्लिंग, या अभी और लंड चाहिए? बुलाऊँ अपने दोस्तों को? सब भूखे हैं! तेरी चुत को सब बजाना चाहते हैं! मेरी हरी झंडी पे जबरी चोदेंगे तुझे रांड, और तू जानती है वे सब कितने मादरचोद हैं!”

रश्मि ने कुछ नहीं बोला।

हम दोनों सोफे पे बैठ के हाँफने लगे।

रश्मि ने खुद को साफ़ किया और हमारे बीच आकर बैठ गई।

वह हम दोनों के लौड़ों से खेलने लगी और मुकेश उसकी चूचियों को दबा-दबा कर पीने लगा।

अब रश्मि भी बेशर्म होकर बातें करने लगी।
वह बोली, “अजय मादरचोद! चुत की गहराई तक असर किया है तेरे लौड़े ने!”

यह बोल के रश्मि मेरे ऊपर आई और मेरे लौड़े पे बैठ गई।
लौड़ा सीधा उसकी चुत में घुस गया।
रश्मि मेरे लौड़े पे कूदने लगी।

मैं उसके होंठों को कस के चूसने लगा और उसकी पीठ पे दोनों हाथ फिराने लगा।
अब मैंने उसकी कमर पकड़ ली और नीचे से धक्के मार के उसकी चुत फाड़ने लगा।

ऊपर से वह भी पूरे जोर से बैठ रही थी।
जब दोनों के धक्के मिलते थे, तो आनंद अपने चरम पे होता था।

रश्मि की आँखों में मजा साफ़ झलक रहा था।
वह “आह-आह” करके चुद रही थी और मैं मजे में “सी-सी” कर रहा था।

वह चिल्ला रही थी, “तेरा लंड कमाल है मेरे राजा! जैसा सोचा था, उससे ज्यादा मजा दे रहा है तू! आज से मैं तेरी रखैल हूँ! जब जी में आए बुला लेना, आ जाऊँगी तेरे लंड के नीचे! चोदो और चोदो, आज फाड़ दो मेरी चुत! बहुत दिनों से अच्छे से नहीं चुदी हूँ! मेरा पति मादरचोद बस अपनी ठरक मिटाता है!”

हमारी चुदाई देख मुकेश गरम हो गया और आकर रश्मि की पीठ सहलाने लगा।
रश्मि ने उसे धक्का देकर पीछे कर दिया और बोली, “जा, कहीं और जाके अपनी प्यास बुझा! आज मैं सिर्फ अजय से चुदूँगी जी भर के!”

हम दोनों एक-दूसरे से चुदाई की लड़ाई लड़ने लगे और मुकेश बैठ के अपनी बीवी को रंडी की तरह चुदते हुए देखने लगा।
मैंने रश्मि भाभी को रांड बना रखा था और अलग-अलग तरह से उन्हें बजा रहा था।

तभी मैंने तान्या को फ़ोन लगाया और बोला, “तान्या, तुझसे कोई बात करेगा!”

फिर फ़ोन मुकेश को देकर बोला, “तान्या से बात कर! जो मन में है बता दे कि तू उसके बारे में क्या सोचता है। तान्या खुले दिमाग की चुदकड़ है, मना ले और चोद ले!”

मुकेश ने हेलो बोला।
तान्या ने पूछा, “कौन?”

मुकेश बोला, “आपका आशिक़ तान्या जी! आपको देख के मेरा लौड़ा बावला हो जाता है!”
तान्या बोली, “गांडू, रोड पे सब मेरी लेना चाहते हैं, तो क्या सबको देती चलूँ!”

मैं और रश्मि जोर से हँसे।
मुकेश गुस्से में आ गया और बोला, “साली मादरचोद! हफ्ते में एक दिन बीवी ठोकता हूँ, पूरे हफ्ते चुत शांत रहती है उसकी रांड! बाकी छह दिन अलग-अलग चुत बजाता हूँ! एक बार तू चुदने को हाँ तो बोल, मादरचोद तेरी गांड मार-मार के फाड़ दूँगा!”

दूसरी तरफ मैं रश्मि को पटक-पटक के वाइल्ड सेक्स कर रहा था।
रश्मि चिल्ला-चिल्ला के चुद रही थी और उसकी आवाज़ तान्या सुन रही थी।

तान्या बोली, “तेरी बीवी को जो तबले की तरह बजा-बजा के गांड फाड़ रहा है ना गांडू, वही मेरी गांड फाड़ देता है! आज तक उसके जैसा चुदक्कड़ मिला नहीं है! अपनी बीवी संभाल, नहीं तो अजय उसे रंडी बना के रख लेगा! मादरचोद आदमी है, एक बार चोद के चुत पे कब्ज़ा कर लेता है!”

मुकेश बोला, “तुझे बहुत घमंड है ना रांड? तो मेरी पार्टी है दो दिन बाद, वहाँ मिल! वहाँ तेरी चुत की आग पे कइयों ने पानी डाल के महीनों के लिए शांत न कर दी, तो मैं लड़कियाँ चोदना छोड़ दूँगा!”
तान्या बोली, “भोसड़ी के! अपनी बीवी को ले जाके बना रंडी!”

और उसने फोन रख दिया।
मुकेश का मुँह उतर गया।

उसकी शक्ल देख मैंने तान्या को वापस फ़ोन किया और बोला, “आ जाओ मेरे फ्लैट पे डार्लिंग! तुम्हारी बातें सुन के तुम्हारी चुत की याद आ गई!”
वह हँसी और बोली, “अच्छा! चलो आती हूँ एक घंटे में!”

40 मिनट बाद तान्या का फ़ोन आया, “कहाँ हो?”
मैंने उसे मुकेश के घर आने को बोला, जो मेरे फ्लैट के ठीक सामने था।

घंटी बजी और तान्या अंदर आ गई।

मैं उस वक्त भी रश्मि को धकमपेल बजा रहा था।

10 मिनट तक तान्या ने मेरी चुदाई देखी और गरम होने लगी।
वह बोली, “भाभी जी, लंड तकलीफ तो नहीं दे रहा ना?”

रश्मि बोली, “कैसे झेल लेती है इस सांड को! साले का लंड वक्त के साथ और खूंखार ही होता जा रहा है!”

तान्या बोली, “मैं तो महीने में 3-4 बार ही झेलती हूँ! इसकी गर्लफ्रेंड से यह सवाल पूछना, वह झेलती है हर रोज इसका लौड़ा!”

मुकेश भी पूरा मादरचोद था।
उसने देखा कि तान्या गरम है, तो उसके पास जाकर बैठ गया और उसकी गोरी टाँगों को चूमने लगा।
वह उसके पैरों के अंगूठे को मुँह में लेके चूसने लगा और उसकी दोनों टाँगों को जीभ से चाटने लगा।

उसकी हवस देख के पता लग रहा था कि वह तान्या के जिस्म का कितना भूखा है।

इधर मैंने रश्मि को फिर से झाड़ दिया और वह थक के बगल में हाँफने लगी।

मेरा लौड़ा अभी भी तना हुआ था।
मैंने अपना लंड तान्या के मुँह के आगे कर दिया और तान्या उसे प्यार से चूसने लगी।

तान्या मजे से मेरा लौड़ा चूस रही थी और इधर मुकेश ने तान्या के शॉर्ट्स और पैंटी निकाल दी।
वह तान्या की गोरी चिकनी चुत में मुँह घुसा-घुसा के उसे चाटने लगा।
तान्या इस हरकत से मजे में पागल हो चुकी थी और अपनी दोनों जाँघों से मुकेश के सर को जकड़ लिया था।

तान्या ने चूस-चूस के मुझे झाड़ दिया और मेरा पूरा माल पी गई।

मैं अब बैठ के मुकेश की हवस देखने लगा।

मुकेश ने तान्या को पूरा नंगा कर दिया और उसके बदन के हर भाग को चूसने लगा।
उसने अब तान्या को अपनी गोद में बिठा लिया और उसके बड़े-बड़े स्तनों को काट-काट के खाने लगा।
उसका एक हाथ तान्या की चुत की गहराई लगातार नाप रहा था।

मुकेश ने मसल-मसल के तान्या के खरबूजों को लाल कर दिया था।
तान्या मस्त होकर सिसकारियाँ ले रही थी।

मुकेश बोला, “साली, आज तुझे पूरा चबा जाऊँगा! तेरी याद में रश्मि की कितनी लेनी-देनी की है मैंने! जब भी तुझे देख लेता था, उस दिन रश्मि की गांड की माँ चोद देता था! मेरी जान, आज तेरी गांड मारूँगा जी भर के! तेरी गांड का दीवाना हूँ मैं, तान्या!”

अब तान्या ने मुकेश को धक्का देकर लिटा दिया और अपनी चुत लेके उसके मुँह पे बैठ गई।
वह उसके मुँह पे अपनी चुत और गांड रगड़ने लगी। तान्या बोली, “सूँघ मादरचोद चुत!”

और झुक के उसका पूरा लंड मुँह में लेके चूसने लगी।
मुकेश पागल हो गया; वह गांड और चुत को फैला-फैला कर चाटने लगा।

तान्या ने 10 मिनट में उसे झाड़ दिया और फिर चूस-चूस के उसे दोबारा तैयार कर दिया।
तान्या ने मुकेश को लिटा के खुद लंड चुत पे सेट किया और कमर हिला के उसे चोदने लगी।

मुकेश के लिए यह अलग अनुभव था; वह मस्ती में पागल होकर तान्या के आगे सरेंडर कर चुका था।
2 गर्ल्स फकिंग के खेल में 30 मिनट तक तान्या उसे डोमिनेट करके चोदती रही।

तान्या का अंदाज़ देख के मेरा लंड फिर तैयार हो चुका था।
मैंने रश्मि को घोड़ी बनाया और उसकी गांड पे ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए।
कमरा “फच-फच” की आवाज़ से गूँज रहा था।

अब तान्या ने आकर हमें ज्वाइन किया और रश्मि की चुत चाटने लगी।

रश्मि का आनंद अब चरम पे था।

मैंने रश्मि को सीधा किया, उसकी दोनों टाँगें अपने कंधे पे रखीं और उसकी चुत बजाने लगा।

तान्या ने रश्मि के मुँह में अपनी चुत दे दी।

मैंने रश्मि की चुत में रेलगाड़ी चला दी और 10 मिनट में 500 झटके मारे।
रश्मि की गांड फट गई और वह दो बार झड़ गई।
रश्मि के झड़ने के बाद मैं उसे चूमने लगा, जिसे देख तान्या गुस्से में आ गई और मेरा लंड पकड़ लिया।

मैं उसे डोमिनेट करने का मौका नहीं देना चाहता था।
मैंने उसकी गर्दन पकड़ी, उसे घुमाया और दीवार से चिपका के उसकी गांड में लंड ठूँस दिया! मैं बोला, “डार्लिंग, मुझसे बकैती नहीं!”

और उसे बिजली की गति से बजाने लगा।
मैं उसकी गांड पे चांटे बरसा रहा था और तान्या दीवार से चिपकी चीख रही थी।
फिर मैंने उसे घुमाया और उसकी चुत में लंड डाल के उसके होंठों को चूसने लगा।

तान्या अब ठंडी पड़ चुकी थी।
मैंने उसे उठाकर बेड पे पटक दिया।

मुकेश भी अब गरम हो चुका था।
उसने आकर तान्या के मुँह में लंड ठूँस दिया और बेरहमी से उसे चोदने लगा।
मुकेश मुँह चोद रहा था और मैं उसकी चुत फाड़ रहा था।

जैसे ही मैंने उसकी चुत झाड़ी, मुकेश ने तान्या की गांड में लंड पेल दिया।

अब हम दोनों उसकी गांड और चुत की भट्टी में लंड झोंक रहे थे।
लगभग एक घंटे की चुदाई के बाद तान्या पस्त हो गई।

अंत में मुकेश ने तान्या को बेड पे उछाल-उछाल के चोदा और अनगिनत गालियाँ देते हुए 30 मिनट बाद झड़ गया।
इधर मैंने रश्मि की चुत दोबारा खोद दी थी।
वह छोड़ने की भीख माँग रही थी।

फाइनली मेरे लंड ने आराम लिया और उसकी चुत में पूरा माल निकाल दिया।

चुदाई की वह रात रश्मि भाभी और तान्या के लिए बेरहम थी।
हमने उन्हें रंडी की तरह चोदा।

मुकेश ने तान्या की गांड पे अपनी सारी हवस निकाली।
उसने उसकी चुत पे दारू गिरा-गिरा कर पी।

उस रात के बाद रश्मि भाभी को पेल-पेल कर मैंने पूरा खोल दिया था।

2 गर्ल्स फकिंग स्टोरी पर अपनी राय प्रकट करें.

What did you think of this story

Comments