दोस्त के प्यार के चक्कर में मेरे मजे
(Teenage Girl) 3
हॉट कॉलेज गर्ल स्टोरी में मेरा दोस्त अपनी गर्लफ्रेंड को चोदने के लिए मेरे कमरे में लाया. लेकिन साथ में गर्ल की सहेली भी आई. दोस्त के चक्कर में मैंने कैसे मजे लिए, यही कहानी है।
इस कहानी में मेरे अलावा तीन और लोग हैं—संदीप, मनीषा और सलमा।
बात यह है कि मैं और मेरा दोस्त संदीप एक ही कॉलेज में पढ़ाई करते थे और यह हमारा आखिरी साल था।
संदीप ने मनीषा को दो साल से पटा रखा था पर कहीं भी बाहर नहीं लेकर जा पाया था और न ही ज्यादा कुछ कर पाया था क्योंकि साथ में उसकी सहली सलमा रहती थी और उसके घर पर भी कोई न कोई रहता था।
तो वह उसे घर पर भी नहीं ले जा सकता था।
उन दोनों के बीच कॉलेज में थोड़ी-बहुत चुमाचाटी हो गयी थी।
मैं किराया देकर रहता था।
मेरा मकान मालिक अपनी फैमिली के साथ नीचे और मैं ऊपर के एक छोटे रूम में रहता था, जिसमें लकड़ी की दीवार बना कर दो भाग करके एक किचन जैसा बनाया गया था।
वैसे तो मेरा मालिक ज्यादा कहीं जाता नहीं था, पर रिश्तेदार के घर पर शादी के कारण वह कुछ दिन बाहर जाने वाला था।
यह बात मैंने संदीप को बताई तो वह काफी खुश हो गया।
वह भी काफी दिनों से मनीषा को चोदना चाहता था।
वह मेरे रूम पर लेकर आने का प्लान बनाने लगा।
यहीं से मेरी हॉट कॉलेज गर्ल स्टोरी बननी शुरू हुई.
उसने मनीषा को काफी मस्का लगाया था.
पर सलमा एक प्रॉब्लम थी क्योंकि वे हमेशा साथ घर जाती थी।
पर उसे भी पटाने का एक प्लान बनाया गया।
सलमा को मूवी देखना काफी पसंद था इसलिए कॉलेज न जाकर मूवी देखने का प्लान बनाया और सलमा झट से राजी हो गयी।
प्लान के हिसाब से कॉलेज को छोड़ कर हम मूवी देखने चले गये।
मूवी खत्म होने के बाद आइसक्रीम खाकर हम मेरे रूम पर चल दिये।
रूम पर क्या होने वाला था मुझे पता था और उसी हिसाब से सब प्लान कर लिया था।
ज्यादा वक्त नहीं लगा, घर के अंदर जाते ही मनीषा से बात करने का बहाना बना के वह उसे रूम में ले गया।
मैं और सलमा बाहर ही सीढ़ी के पास खड़े होकर बात कर रहे थे जो मेरे और संदीप के प्लान का हिस्सा था ताकि कोई आए तो पता चले।
पर करीब आधा घंटा हो गया था और सलमा अब मनीषा को बुलाकर घर जाना चाहती थी इसलिए वह रूम की तरफ जाने लगी।
मैं उसे अंदर जाने से रोकना चाहता था.
पर कहीं न कहीं मैं चाहता था कि वह अंदर जो चल रहा है वह देखे, ताकि आगे कुछ करना हो तो सलमा से छुपाना न पड़े।
सलमा रूम के अंदर गयी तो मुझे लगा था कि वह अंदर जो चल रहा है वह देख कर तुरंत वापस आ जायेगी.
पर वैसा नहीं हुआ।
मैं सीढ़ी के पास ही खड़ा रहा ताकि कोई ऊपर न आए।
थोड़ी देर बाद भी सलमा बाहर नहीं आयी तो मुझे थोड़ा शक हुआ।
मैं रूम की तरफ गया और दरवाजे के पास से देखा तो सलमा लकड़ी की दीवार के छेद से झाँक कर देख रही थी और साथ में हाथ से अपने बूब्स दबा रही थी!
मैंने समझ लिया कि वह मनीषा की चुदाई देख रही है और सलमा का भी मूड बन गया है।
मैंने भी देर नहीं की और धीरे से सलमा के पीछे खड़ा हो गया और अपना हाथ धीरे से उसकी गांड पर रख दिया।
सलमा मनीषा की चुदाई देखने में मस्त थी।
मैंने भी हिम्मत की और करीब चिपक कर खड़ा हो गया और मेरे लंड से उसे टच करने लगा।
कुछ ज्यादा पास आने के कारण अब वह जान गयी, पर कुछ नहीं बोली क्योंकि मैंने भी उसे चुदाई देखते और बूब्स दाबते हुए देखा था।
जब वह कुछ नहीं बोली तो मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैंने एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया और पीछे से उसे बिल्कुल ही चिपक गया।
हाथ फेरते हुए मैं सलमा के बूब्स दबा रहा था और वह मनीषा की चुदाई देख रही थी।
मेरी हिम्मत काफी बढ़ गयी थी तो मैंने पैंट में से लंड निकाल कर सलमा की गांड पर रगड़ना शुरू किया और बूब्स दबाने लगा।
अब सलमा भी काफी गरम हो गयी थी तो वह मनीषा की चुदाई देखना छोड़ कर मेरी तरफ पलटी।
मौका देख कर मैंने उसका हाथ मेरे लंड पर रखा और उसके दोनों बूब्स पकड़ लिये।
मैं उन्हें दबा रहा था और साथ में एक किस भी किया।
मेरे किस करते ही सलमा भी मेरा लंड मसलने लगी।
मैंने कपड़े के अंदर हाथ डाल कर उसके बूब्स दबाना चालू किया, तो सलमा अब काफी गरम हो गयी थी।
वह नीचे बैठ गयी और मेरा लंड मसल कर मुँह में ले लिया और चाटने लगी!
शायद उसने मनीषा को ऐसे करते हुए देखा था।
मैं भी काफी गरम हो गया था तो मेरा माल सलमा के मुँह में निकल गया।
अब मैं ज्यादा कुछ नहीं कर सकता था क्योंकि संदीप और मनीषा के बाहर आने का भी डर था।
तो हमने अपने को रोक लिया.
पर मैंने सलमा से पूछ लिया, “क्या तुम कल आ सकती हो क्या?”
तो सलमा ने बस इतना ही बोला, “देखती हूँ!”
फिर हमने कपड़े ठीक किये और बाहर चले गये।
थोड़ी देर बाद मनीषा और संदीप बाहर आ गये, दोनों खुश दिख रहे थे।
फिर सलमा और मनीषा घर चली गयीं।
संदीप भी मुझे खाना खिलाने लेकर गया और वहाँ से घर चला गया।
मैं रात को सलमा के साथ जो किया उसे याद कर के सो गया।
दूसरे दिन मैं कॉलेज से जल्दी घर आ गया ताकि संदीप कहीं फिर न घर आ जाए और मेरा प्लान बर्बाद न हो।
मैं घर पर तो निकल आया था और साथ में कंडोम भी लेकर आया था और सलमा की राह देख रहा था।
मैंने सलमा को निकलते टाइम कुछ बोला नहीं था, तो वह आएगी या नहीं यह मुझे पता नहीं था।
एक घंटे से ऊपर हो गया था और मैं बस सलमा की राह ही देख रहा था।
अब मुझे भूख भी लग गयी थी।
मैं रूम बंद कर बाहर निकला ही था कि मुझे सलमा आती हुई दिखी!
मैं झट से दरवाजा खोल कर सीढ़ी के पास चला गया और उसे ऊपर लेकर आ गया।
मैंने पूछा- किसी ने देखा तो नहीं और इतनी देर क्यों हो गयी?
थोड़ा रुक कर वह बोली, “अभी टाइम नहीं है, फिर कभी कर सकते हैं क्या?”
वह जाने की बात करने लगी।
अब मैं भी कुछ नहीं कर सकता था, तो बस मैंने उसे कुछ किस करने, दोनों बूब्स दिखाने और थोड़ा चूसने के लिये मना लिया।
उसने भी जल्दी से कपड़े ऊपर कर लिये और ब्रा निकाल कर बूब्स पर मेरा हाथ रख दिया।
मैंने दोनों बूब्स बारी-बारी से चूसना चालू किया।
किस करते-करते मैं सलमा की गांड पर हाथ फेरने लगा।
मैं सलमा के बूब्स अच्छे से चूस रहा था, तो अब वह भी मूड में आ गयी और किस में मेरा साथ देने लगी।
मौका देख कर मैंने उसके सलवार में हाथ डाल दिया और निकर के कभी ऊपर से तो कभी अंदर हाथ डाल कर सलमा की चूत पर हाथ फेरने लगा।
सलमा को मजा आने लगा था.
यह देख कर मैंने उसकी सलवार निकाल दी और निकर को भी नीचे कर दिया।
अब उसकी चूत मेरे सामने थी और मैंने अपनी पैंट उतार कर लंड सलमा के हाथ में दे दिया।
मेरा लंड देखते ही सलमा नीचे बैठ कर उसे चाटने लगी।
शायद उसे मजा आया था।
मेरे दोनों हाथ उसके बूब्स दबा रहे थे, पर उसकी कुर्ती बीच में आ रही थी तो मैंने कुर्ती निकाल कर सलमा को नंगी कर दिया।
अब सलमा और मैं दोनों नंगे थे और वह मेरा लंड पूरा चूस रही थी।
पर मैं सलमा को चोदना चाहता था।
इसलिए उसे दीवार पर सटा कर खड़ा कर दिया और कंडोम निकाल कर लंड पर लगा दिया।
मुझे नहीं पता था कि यह सलमा की पहली चुदाई थी।
मैंने उसकी चिकनी चूत पर लंड लगाया तो अंदर जाने में तकलीफ हुई।
मुझे लंड डालकर बार-बार बाहर निकलना पड़ रहा था और सलमा को भी तकलीफ हो रही थी।
पर हम दोनों ही इतने मूड में आ गये कि चुदाई तो करना ही चाहते थे।
मैंने तेल की बोतल लेकर थोड़ा सलमा की चूत में छोड़ा और उँगली से अंदर लगा दिया।
अब मेरी पूरी उँगली सलमा की चूत के अंदर जा रही थी और सलमा भी आवाजें निकाल रही थी!
मैंने सलमा की चूत पर लंड लगा कर झटका दिया तो लंड उसकी चूत में चला गया।
पर सलमा को दर्द होने लगा, तो उसने मुझसे कहा, “कंडोम निकाल कर और तेल लगाकर लंड चूत में डालो!”
मैंने लंड निकाला, कंडोम हटाया और तेल की बोतल सलमा के हाथ में दी।
सलमा ने मेरे लंड पर तेल लगा दिया।
मैंने भी एक झटके से लंड सलमा की चूत में डाल दिया और चोदना शुरू किया!
अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में जा रहा था, पर साथ में सलमा की चूत से खून निकल रहा था।
मुझे नहीं पता था कि सलमा की यह पहली चुदाई थी और वह मेरे लंड से हो रही थी!
मैं एक कुंवारी चूत चोद रहा था, यह सोच कर मुझे बड़ा मजा आ रहा था और इसी सोच में मैं सलमा को काफी जोश में चोद रहा था।
सलमा भी गांड उठा कर और अलग-अलग आवाजें निकाल कर मुझे और जोश में ला रही थी!
हमारे इसी जोश में सलमा की चूत के अंदर मेरे लंड ने अपना पानी छोड़ दिया!
मैं सलमा की चुदाई इतनी जोश में कर रहा था कि पानी निकलते ही मैं सलमा के ऊपर ही लेट गया और वह भी मेरा पानी अपनी चूत में लेकर वैसे ही लेटी रही।
करीब आधा घंटा होने के बाद हम दोनों को होश आया।
कपड़े पहन कर मैंने सलमा को किस किया और उसे नीचे तक छोड़ दिया, फिर वह अपने घर चली गयी।
मेरा पानी सलमा की चूत में अंदर तक गया था, इसलिए अगले दिन कॉलेज में मैंने उसे मेडिकल से एक गोली ला कर दी ताकि कुछ गड़बड़ न हो।
हम पूरा महीना डरते रहे कि कहीं सलमा को बच्चा न हो जाए, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ और उसे पीरियड आ गये।
अब पूरे साल में जब भी मौका मिलता मैं सलमा को चोदता था.
और एक बार तो उसकी शादी के बाद भी चोदा था, जिसकी कहानी फिर कभी बताऊंगा।
कैसी लगी आपको यह हॉट कॉलेज गर्ल स्टोरी? क्या आप सलमा की शादी के बाद वाले हिस्से को सुनने के लिए तैयार हैं?
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