Dost ki behan ko dusre dost ke sath choda

(Group Sex Stories) 44

Sameer Khan 2026-05-01 Comments

 

डबल फक सेक्स कहानी में मैं अपने एक दोस्त के साथ एक दूसरे दोस्त के रूम में गया तो बहन उसकी बहन अकेली थी. मैं उसे चोद चुका था. मेरा दोस्त उसे चोदना चाहता था.

 

फ्रेंड्स, मैं अभि आपको एक बार पुनः अपनी सेक्स कहानी में स्वागत करता हूँ.

 

अपनी पिछली सेक्स कहानी

गर्लफ्रेंड की चुदाई का बदला बहन की चुदाई से

में मैंने आपको बताया था कि कैसे फराज़ ने मेरी गर्लफ्रेंड अंजू को चोदा था और बदले में मैंने उसकी बहन शिफा को पेला.

 

अब मैं डबल फक सेक्स कहानी में आपको बताता हूँ कि कैसे मैंने और फराज़ ने अंजू को साथ में चोदा.

बाद में मैंने राकेश के साथ मिलकर शिफा को तबियत से बजाया.

 

उसकी जानकारी फराज़ को थी कि मैंने राकेश के साथ शिफा को सैंडविच बना कर चुत और गांड को एक साथ चोदा था.

उस घटना के बाद मैं और फराज़ खुल चुके थे.

अब फराज़ चुदाई में मेरा पार्टनर हो गया था.

 

फराज़ अंजू को मेरे बराबर ही पेलने लगा था.

मतलब अगर अंजू फ्लैट पर आई है तो फराज़ अपना लंड अंजू की चूत में पेलता ही था.

उसको अंजू की चूत से प्यार हो गया था.

वह उसको हर बार फाड़ने के लिए गिरा-गिरा, बेरहमी से पटक-पटक कर चोदता था.

 

और अंजू को भी उसके सुन्नती लंड पर चुत फंसा कर चुदवाने में खूब मजा आता था.

वह मेरे सामने ही किसी सड़कछाप रंडी की तरह फराज़ के लौड़े से रगड़ जाती थी.

 

इधर शिफा को मेरे लंड से प्रेम हो गया था.

मैं शिफा को हर तरीके से चोदकर उसको अपनी पालतू रांड बना चुका था.

उसकी गर्म खौलती चूत को मैंने अपने लौड़े से पीट-पीटकर फैला दिया था.

शिफा अब अंजू के साथ शिफ्ट हो गई थी.

उसके फ्लैट में वह मेडिकल की कोचिंग की तैयारी के लिए शिफ्ट हुई थी.

 

आज आपको वह सेक्स कहानी लिख रहा हूँ, जब मैंने और राकेश ने शिफा को एक साथ बजाया था.

 

एक दिन मैं राकेश के साथ अंजू के फ्लैट पर उसको सरप्राइज करने गया.

जब मैं वहां पहुंचा तो पता चला वह फ्लैट पर नहीं है, उधर शिफा ही अकेली है.

 

मैंने पूछा- कहां हैं मैडम?

तो वह इठला कर बोली- भाभी, अभी ऑफिस से आई ही नहीं हैं.

 

मैंने अंजू को कॉल किया और पूछा- कहां हो बेब्स?

 

उसने फोन काट दिया और वीडियो कॉल किया.

उसने दिखाया कि वह मेरे फ्लैट पर है.

 

तभी पीछे से शिफा ने बोला- हैलो भाभी, कब तक आ रही हैं आप?

तो अंजू बोली- तेरा भाई आने देगा तब तो आऊं … मादरचोद बिना चोदे छोड़ेगा नहीं!

 

अंजू को पता नहीं था कि राकेश भी बगल में है और वह सारी बातें सुन रहा है.

यह देख कर मैं और शिफा भी राकेश के सामने अंजू से डबल मीनिंग बातें करने लगे.

 

राकेश किसी लंबी सोच में पड़ गया.

उन सब सेक्सी बातें सुनकर राकेश समझ चुका था कि मैं, शिफा को … और फराज़ अंजू को पेलने लगे हैं.

 

उसको पुराने सारे वाकियात याद आने लगे थे शायद कि क्यों अंजू मूतने के लिए फराज़ के रूम में जाती थी.

उसका डाउट क्लियर हो गया था. वह समझ चुका था कि फराज़ अंजू को चोद चोदकर अपनी रंडी के जैसे बिछा चुका है.

हम दोनों अब उसकी चूत का भोसड़ा बना रहे हैं.

आजकल अंजू रांड डबल व जबर लंडों का सेवन कर रही है.

 

राकेश ये भी अच्छे से समझ चुका था कि शिफा भी अब क्यों इतनी गदरा गई है.

उसकी गदराई जवानी का राज कोई और नहीं … मैं ही हूँ.

वह सोचने लगा होगा कि अगर मैंने फराज़ की बहन पेली है, तो जरूर फराज़ ने पहले अंजू की चुत पेली होगी.

 

मैं उसकी बहन को सिर्फ ठरक में नहीं पेलूँगा.

मेरे पास शिफा से भी अच्छी-अच्छी चूतें हैं … मतलब चूतों की कोई कमी नहीं है तो खामखां में मैं क्यों फराज़ की बहन शिफा को चोदूंगा.

 

कुछ सोचने पर राकेश को यह भी याद आ गया था कि क्यों मैंने अंजू को चोदने का राज बताया था.

 

फराज़ की फैंटसी है ब्रूटल.

वह अपनी गर्लफ्रेंड हिना को कभी भी चोद देता है, कहीं भी चोद देता है.

अब तो ‘हिना’ भी तैयार रहती है.

एक बार तो उसने हमारे सामने बात करते-करते ‘हिना’ को चोद दिया था.

हमें तो 15 मिनट बाद पता चला था कि वह ‘हिना’ को चोद रहा है.

मगर ‘हिना’ को ये नहीं पता था कि हमें पता है कि वह हमारे सामने चुद चुकी है.

 

फराज़ की भूख का अंदाज़ा हमें हो गया था.

अब तो उसकी गर्लफ्रेंड हिना भी हमारे सामने पहले वाली लॉयल ‘हिना’ नहीं है … बल्कि एक रांड हो गई थी.

 

फराज़ के अलावा भी वह कई लंड अपनी चुत गांड में ले लेती है छिनाल … बस कुतिया ने अपनी चुदाई को सीक्रेट बनाए रखा है.

 

फराज़ उसके फ्लैट पर चोदने जाता है.

वह कम आती है, बस पार्टीज़ में या बाहर ही मिलती है.

 

राकेश अब शायद यह भी सोचने लगा था कि क्यों आजकल फराज़ फ्लैट पर तब ज़रूर होता था, जब अंजू आती थी.

जबकि पहले उसके ना रहने पर भी अंजू आ जाती थी.

 

आजकल मैं और अंजू ‘हिना’ के यहां ज़्यादा रुकने लगे हैं.

हिना के लंड खोजने की भूख मैंने मिटा दी है और अब वह मेरा लंड तबियत से ले रही है.

 

तभी हमारी क्लोज हो गई है, मिलने भी ज़्यादा लगी है.

हम सब अभी बातें कर ही रहे थे और राकेश सोच विचार में डूबा हुआ था.

 

तभी शिफा ने राकेश को बोला- भैया … उस रूम में फ्रेश हो लो. अभि भैया मेरे वाशरूम में हो लेंगे फ्रेश!

जब जाकर वह ख्याल से निकला.

 

ये सुनकर राकेश दूसरे रूम चला गया.

और मैं शिफा के रूम में घुसा और रूम लॉक नहीं किया था; दरअसल मैं भूल गया था.

 

अन्दर शिफा कुर्सी पर बैठ कर पढ़ने लगी थी.

मैंने पास जाकर उसकी बुक बंद की और हाथ पकड़ कर उसे उठाया.

 

वह इतनी प्यारी और मादक निगाह से मुझे मासूमों की तरह निहार रही थी … जैसे एक गर्म हुई चूत लंड को देखती है

 

फिर बोली- एक मिनट इंतजार करो … भाभी को वीडियो कॉल करने दो.

 

उसने कॉल किया और फोन को ऐसे रख दिया कि बेड पूरा दिख रहा था.

उधर से फराज़ ने फोन उठाया और दिखाया कि अंजू को लेटकर लंड चुसा रहा है.

 

फिर उसने भी फोन को सैट किया और ऐसे रखा कि हम दोनों भी उनको देख पा रहे हैं.

 

अब मैंने शिफा को लिटाकर बेड पर उसकी शॉर्ट्स निकाल दी.

पैंटी को किनारे करके चूत चूसने लगा.

वह मस्त होकर सिसकारियां भरने लगी.

 

उधर फराज़ ने अंजू को पटककर लंड पेल दिया था.

 

अंजू चिल्ला-चिल्लाकर चुद रही थी.

वह बोल रही थी- साला कसाई है तू दल्ले … हर बार मेरी सूखी चूत में लंड उतार देता है मादरचोद … रंडी नहीं हूँ भड़वे.

 

फराज़ भड़वा सुनकर जोश में आ गया.

उसने खड़े होकर अंजू को उठा लिया और उसे हवा में उछाल उछाल कर चोदने लगा.

 

फराज़ बोला- अभि भाई … कसम से भाभी की चूत … इसका पूरा बदन मखमल का है … आह मजा आ जाता है इसको चोद कर!

 

मैंने शिफा की पैंटी निकालकर फराज़ से कहा- भाई … तेरी बहन की चूत मलाई है … फराज़ मैं कहता हूँ एक बार शिफा को भी चोद ले … और बन बहनचोद … तुझे मजा ना आए तो कहना!

 

तभी रूम का गेट खुला और राकेश अन्दर आ गया.

वह गेट को हल्के से बंद करके सब देखने लगा.

 

शिफा चूत चुसवाने में मस्त थी और उसका सर गेट की तरफ था.

उसे पता नहीं चला राकेश आया है.

कैमरा राकेश के आगे था तो अंजू-फराज़ को भी नहीं पता था कि राकेश लाइव रंडापा देख रहा है

 

फराज़ बोला- अभी तू मज़े ले … मैं अंजू और हिना की चूत से खुश हूँ.

मैं बोला- राकेश की गर्लफ्रेंड अश्विनी भी मस्त दिखती है, क्या बोलता है … चढ़ जाऊं? बहुत घमंड है उसको अपनी अंग्रेजी पर चोद-चोदकर साली ABCD भुलवा दूँगा.

 

यह बोलते-बोलते मैंने राकेश की तरफ देखा और बेड पर घुटनों के बल खड़ा होकर अपना लंड शिफा के मुँह में दे दिया.

 

फराज़ बोला- भाई … प्लीज़ उसकी चूत दिला दे … मैं अपना लंड एक बार में ही उसकी चुदी चुदाई चुत में उतार दूँगा … मैं साली को सैट करने की कोशिश कर चुका मगर बहन की लवड़ी भाव ही नहीं दे रही.

उसकी इस बात पर हम दोनों हंस दिए.

 

वह इंग्लिश में ही ज़्यादातर बात करती है और हम लड़कों को प्रोफेशनल लैंग्वेज सिर्फ इंग्लिश समझ आती है.

जबकि घर में बकचोदी की फीलिंग हिंदी में ही आती है.

 

फराज़ बोला- राकेश को तो पहले मना … कुछ देना तो पड़ेगा ना बदले में, तब जाकर ना अश्विनी की कच्छी फाड़कर लंड गाड़ पाऊंगा ना भाई!

 

यह बोलकर वह जोश में आ गया और अंजू को उठाकर हॉल में ट्रेडमिल पर लिटाकर पेलने लगा.

वह कुछ ही देर में झड़ गया.

 

मैंने राकेश को अंजू और फराज़ के सामने आने नहीं दिया.

उन्हें नहीं पता लगा कि राकेश ने उनकी चुदाई देख ली है.

 

उसका कारण था कि अभी तो मुझे शिफा की चूत राकेश को अच्छे से दिलानी थी.

उसके बाद अश्विनी को अपनी रांड बनाना था और बेशर्म बनाने में दोनों को मुझे वक्त चाहिए.

तभी ग्रुप सेक्स मज़ा देता है और इनकी एंट्री सरप्राइज होगी … मुझे देखना है कि फराज़, अश्विनी को और राकेश हिना और अंजू को कैसे पेलता है.

 

फिर ‘एंजॉय गाइज’ बोलकर मैंने फोन काट दिया.

 

राकेश अब शिफा को नंगी देखकर पगला चुका था.

वह अपना लंड बाहर निकाल हिला रहा था.

उसका लंड भी हमारी टक्कर का था.

वह भी हमारी तरह चोदू था.

 

मैंने राकेश को पास बुलाया- आ जा भाई.

उसने पार्टी जॉइन की और आकर शिफा की चूचियों को चूसने लगा, उन्हें मरोड़ने लगा, उसे मस्त होकर चबाने लगा.

 

शिफा चौंक गई लेकिन मुझसे चुद रही थी और मुझे भैया बोलती है, तो दूसरे भैया को किस मुँह से मना करेगी?

 

जैसे ही शिफा ने कुछ न बोलकर सहमति दी, राकेश ने अगले ही पल उसके मुँह में लंड दे दिया और उसका मुँह पागलों की तरह चोदने लगा.

 

शिफा गूँ-गूँ करने लगी.

वह सांस नहीं ले पा रही थी.

राकेश ने पूरा लंड उसके मुँह में पेल दिया था और सर पकड़ कर लंड पर दबा दिया था.

 

राकेश बोला- शिफा मादरचोद रांड जब से देखा है तुझे … लंड बैठता ही नहीं है.

वह अपना लंड मुँह से निकाल कर बोला- अच्छे से चूस लवड़ी … ये लंड कई दिन से तेरा साथी बनने को तरस रहा है. इसे तेरी चूत की चासनी बनानी है!

 

मैंने बोला- भाभी का ख्याल मैं रख लूँगा … तू रख शिफा का ख्याल रख. अपने लंड की छाप छोड़ इसकी चूत पर!

 

यह सुनते ही राकेश शिफा के होंठ काट-काटकर चूसने लगा.

नीचे मेरी चूत चुसाई से उसकी चूत मस्त होकर चुदने को एकदम तैयार थी.

 

मैं बोला- राकेश … बजा अब अपनी बहन को.

फिर राकेश ने शिफा को घोड़ी बनाकर उसका मुँह मेरे लंड पर झुका दिया और खुद उसे चोदने की पोजीशन में आ गया.

 

उसने अपना पूरा लंड शिफा की चूत में उतार दिया था.

डबल फक सेक्स में शिफा मेरा लंड चूस रही थी और राकेश उसे घोड़ी बनाकर उसकी चूत को चोदने लगा था.

 

वह बोला- फराज़ की बहन की चूत मस्त है अभि … गर्म भट्टी है आह … मजा आ रहा है थैंक्स भाई.

वह मस्त होकर कमर हिला-हिलाकर उसे बजाने लगा.

 

शिफा बोली- राकेश भैया … आराम से पेलो न … मैं अश्विनी और अंजू भाभी जितनी चुदक्कड़ नहीं बनी हूँ … धीरे-धीरे ठोको न मेरे राजा!

राकेश बोला- चुप बहनचोद साली … दो लंड खा रही है और बातें चोद रही है.

 

राकेश हपक हपक कर गांड पर चांटे बजा-बजाकर शिफा को चोदने लगा.

 

 

वह शिफा की चुत चोदते-चोदते बोला- अश्विनी की चूत कैसी लगी दोस्त तुझे?

यह कह कर वह मुझे देखकर हंसा.

 

मैं थोड़ा चौंका और फिर बोला- बढ़िया है.

एक पल बाद मैं आगे बोला- तूने उसको मेरा लंड दिखाकर गलत किया … राकेश वह खुद चुदने आई थी, मैंने कुछ नहीं किया था.

 

फिर मैं आगे बोला- भोसड़ी के … मेरे लंड की पिक तेरे फोन में क्या कर रही थी?

 

वह बोला- अबे साले गलती से तेरे लैपटॉप से कुछ ले रहा था … ये पिक भी आ गई … फिर अश्विनी कुछ देख रही थी, तो उसको लंड दिख गया. वह पूछने लगी कि यह सब क्या है? यह कह कर उसने लंड की फ़ोटो डिलीट कर दी थी. वह उस दिन गुस्सा हो गई थी.

 

मैं बोला- उसके पास फोटो है भाई … तेरे फोन से ले ली थी उसने!

वह चौंक गया. बोला- ओ बहनचोदी … रांड साली … तभी गुस्सा होकर भी उस दिन उछल-उछल कर चुदी थी रांड!

मैं हंसने लगा.

 

राकेश- बता न अभि कि कैसे चुदी कुतिया?

मैंने शिफा को सीधा लिटाया, चूत अपनी तरफ की और लंड को भट्टी में झोंक दिया.

 

राकेश लेटकर उसके बदन को चूमने लगा.

वह शिफा के बूब्स चाट-चाटकर चूसने लगा.

 

मैं शिफा को चोदते हुए बोला- भाई … मस्त रांड है तेरी माल. हुआ यूं कि उस दिन की तुझे याद हो कि तेरी एक इम्पोर्टेंट मीटिंग आ गई थी अर्जेंट … और तूने रूम में अकेले वीडियो कॉल पर अटेंड की थी. उस दिन अश्विनी को मेरे रूम में रहना पड़ा था क्योंकि फराज़ हिना को बजा रहा था … उसका रूम फ्री नहीं था.

 

राकेश बोला- हां … याद है. उसी दिन चोद दी थी क्या?

मैं बोला- नहीं … अगले दिन मैं उसे चोदने उसके फ्लैट गया था.

 

वह बोला- चल अच्छा … विस्तार से बता मुझे … अपनी इस रांड शिफा के साथ मस्ती करने दे … मैं सुन रहा हूँ. बता अश्विनी को कैसे बजाया?

 

मैं बोला- अश्विनी दरवाजा नॉक करके अन्दर आ गई थी. मैं कुछ काम कर रहा था. मैं उसको देखकर बोला कि बताओ अश्विनी … सब ठीक है न!

 

वह बोली- हां हां सब ठीक है. राकेश की मीटिंग चल रही है न … इसीलिए मैं तुम्हें कंपनी देने आ गई हूँ. उधर हिना फराज़ के साथ मस्ती कर रही है तो मैंने उन्हें डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समझा.

मैं हंसते हुए बोला- काफी समझदार लड़की हो तुम … तभी तुमने मुझे भी कभी डिस्टर्ब नहीं किया!

 

वह हंसी और बोली- हां मैं देख चुकी हूँ कि तुम एक मस्त रॉड के मालिक हो और अंजू को उसकी मस्ती के समय डिस्टर्ब करने का कोई मतलब नहीं होता है इसलिए!

मैं चौंककर बोला- ये तुम क्या बोल रही हो अश्विनी?

तब वह बोली- अभि … मुझे पता है कि तुम अपनी टांगों के बीच में एक मस्त बंदूक छिपाकर रखते हो. मैंने वह गन देखी है … यही है न!

उसने यही सब कहते हुए अपने फोन में मेरे लंड की पिक दिखाई.

वह बोली- मुझे इसकी सवारी करनी है अभि … तुम्हारे जैसे लौड़े की सवारी करना किसी भी लड़की का सपना होता है.

 

एकदम खुल्लम खुल्ला लंड से चुदने की बात बोलकर वह मेरे बगल में बैठ गई और पैंट के ऊपर से मेरे लंड को प्यार से सहलाने लगी.

मैं उसे देखने लगा तो वह बड़े प्यार से मेरे होंठों को चूसने लगी.

 

थोड़ी देर बाद वह मेरे रूम से निकल कर चली गई और दो मिनट में वापस आ गई.

 

कमरे में आते ही उसने मेरे शॉर्ट्स से लंड निकाला और उसको चूस-चूम कर अपना रांड का कोर्स दिखाने लगी.

करीब आधा मिनट में ही मेरे लौड़े को उसने टाइट कर दिया और अब वह मेरे होंठ चूमने लगी.

मेरे गालों को प्यार से सहलाने लगी और बोली- अभी मेरे ठोकू की मीटिंग दस मिनट और चलेगी.

 

उसने इशारा दे दिया था कि अगले दस मिनट में मैं उसकी चुदाई कर दूँ.

 

वह मेरे बगल में बैठ गई, मेरे पैंट से बाहर निकले हुए लंड को फिर सहलाने लगी.

 

वह बोली- मुझे लगता है कि दस मिनट में मजा नहीं आएगा. कल तुम ऑफिस नहीं जा रहे हो, मेरे फ्लैट पर आ जाना. मैं भी हाफ दे लेकर अपने फ्लैट पर आ जाऊंगी. मुझे तुम्हारी रंडी बनने में बहुत मजा आएगा. मुझे तुम्हारे इस मोटे लवड़े को अपनी चुत में जरूरी में लेना ही है.

 

दोस्तो, मुझे भी इस छिनाल को पूरी तसल्ली से चोदने का मन था तो मैंने भी उसकी राय से इत्तेफाक जता दिया.

यह सब मैं राकेश को बता रहा था और शिफा को चोदता जा रहा था.

 

अब डबल फक सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको इस मस्त चुदाई भरी सेक्स कहानी को आगे लिखूँगा.

आप मुझे अपने कमेंट्स जरूर भेजें.

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