शीला की लीला (५५ साल की शीला की जवानी)-55

(Desi Kahani) 3

redwalker69 2026-05-25 Comments

This story is part of a series:

पार्टी अपने पूरे रंग में थी.. हर कोई अपने अपने ढंगे से मजे कर रहा था..

 

होटल से निकलकर इनोवा में बैठे ही संजय ने शीला को अपनी बाहों में भर लिया.. और उसके अंगों को अपने हाथों से रौंदने लगा.. शीला के मदमस्त स्तनों पर.. उसकी जांघों पर.. वो जगह जगह अपने हाथ फेर रहा था.. जैसे एक ही बार में वो शीला का पूरा जिस्म भोग लेना चाहता हो..

 

संजय: “मम्मी जी, यू आर सो हॉट.. आई लव योर सेक्सी बूब्स.. बस गोवा पहुँचने की देरी है.. मैं पूरी दुनिया को अपनी सास के उभार दिखाना चाहता हूँ.. ”

 

शीला ने अपने दामाद के लंड को अपनी मुठ्ठी में पकड़ लिया.. और उत्तेजना पूर्वक मसल दिया.. एक ही झटके में उसने पेंट के अंदर से लंड बाहर निकाला और नीचे झुककर चूसने लगी.. संजय के बड़े अंडकोशों को अपनी मुठ्ठी में दबाकर वह उससे खेलती रही और कराहती रही.. ड्राइवर को गाड़ी के करीब आता हुआ देख दोनों ने अपने अंग छुपा लिए और चुपचाप बैठ गए.. और गाड़ी तेजी से गोवा की तरफ जाने लगी

 

गोवा की सरहद पर पहुंचते ही शीला रोमांचित हो गई.. एक आलीशान होटल में रहने का इंतेजाम किया था संजय ने.. उनके कमरे की बालकनी समंदर के किनारे पर थी.. होटल का अपना प्राइवेट बीच था.. देखती ही शीला का दिल खुश हो गया

 

संजय: “मम्मी जी, यहाँ हम दोनों अकेले है.. और यहाँ हमे कोई जानता भी नही है.. मैं आपको जबरदस्त आनंद और भरपूर रोमांच का अनुभव करवाना चाहता हूँ.. बस यह सब इन्जॉय करने के लिए आपको थोड़ा सा बिंदास होने की जरूरत है.. तभी आप यहाँ का पूरा आनंद ले पाएगी.. देखिए.. वो सामने खड़ी स्त्री कितनी बिंदास खड़ी है?”

 

शीला ने उस स्त्री की ओर देखा.. करीब ४० के उम्र की वह स्त्री.. लगभग नंगी सी थी.. उसकी बिकीनी इतनी छोटी थी.. जो केवल उसकी दोनों निप्पल और चूत की लकीर को ही छुपा रही थी.. बाकी सब देखने वालों के लाभ के लिए खुला छोड़ दिया गया था.. उसके हाथ में बियर की बोतल थी.. उसके स्तन की सम्पूर्ण गोलाई खुली नजर आ रही थी.. जैसे पूरी दुनिया को अपने नग्न अंग दिखाने के इरादे से ही उसने वैसी बिकीनी पहनी थी..

 

शीला बालकनी से जब उस स्त्री को एकटक देख रही थी तभी संजय ने उसे अपने आगोश में खींच लिया और पास की एक कुर्सी पर बैठ गया.. शीला को अपनी गोद में बैठा लिया.. शीला के स्तनों के उभारों पर हाथ फेरते हुए संजय उत्तेजित हो गया.. उसका लंड शीला की गांड पर चुभने लगा.. शीला की काँखों के अंदर से हाथ डालकर संजय ने दोनों स्तनों को मसल दिया.. और शीला का चेहरा मोड कर उसे किस करते हुए कान में कहने लगा “मम्मी जी.. अब तक आपने आपकी रसीली चूत के दर्शन नही करवाए.. खैर अब यहाँ आ ही गए है तो वो भी हो जाएंगे.. मुझे कोई जल्दी नही है.. अभी आप जल्दी से कपड़े चेंज कर लीजिए ताकि हम बीच पर जाकर मजे कर सके.. ”

 

शीला: “पर बेटा.. मैं समंदर पर पहनने लायक कोई कपड़े लेकर ही नही आई हूँ.. मेरे पास तो सारी साड़ियाँ ही है.. मुझे कहाँ पता था की तुम मुझे गोवा ले जा रहे हो.. !! ”

 

संजय: “अगर मैं आपको पहले बता देता की गोवा ले जा रहा हूँ.. तो क्या आप चलते मेरे साथ?” संजय ने अपने पेंट की चैन खोलकर लंड बाहर निकाला.. गोरे सख्त लंड को देखकर शीला के अंदर वासना का बवंडर उठ गया.. शीला संजय की गोद से खड़ी हो गई और बोली

 

शीला: “अब मैं क्या पहनु? साड़ी ही पहन लेती हूँ.. ”

 

संजय: “साड़ी पहन कर भी कोई कभी बीच पर जाता है क्या!!! चलिए.. पास किसी स्टोर से आपको मस्त कपड़े दिलवाता हूँ”

 

दोनों बालकनी से चलते चलते समंदर किनारे बने एक छोटे से मार्केट पहुंचे.. चलते हुए शीला संजय से ऐसे चिपकी हुई थी जैसे हनीमून पर आई हो.. ऐसा करने में उसे कोई झिझक भी नही हुई.. आसपास का वातावरण ही कुछ ऐसा था.. अद्भुत और उन्मादक.. कई कपल्स ऐसी ऐसी हरकतें खुले में कर रहे थे.. की शीला काफी खुला खुला महसूस करने लगी.. कोई किस कर रहा था.. तो कोई खुलेआम स्तन दबा रहा था.. एक पेड़ के तने के पीछे खुलेआम लंड चुसाई चल रही थी.. !!!

 

एक स्टोर से संजय ने शीला के लिए एक मस्त पतला सा लो-कट टॉप और जीन्स की शॉर्ट्स खरीदी.. शॉर्ट्स तो इतनी छोटी थी की शीला की पूरी जांघ ही खुली नजर आयें.. और उसके आधे से ज्यादा चूतड़ बाहर ही लटकते रहे.. इतनी छोटी.. !!

 

शीला ने कृत्रिम क्रोध के साथ कहा “कैसे कपड़े लिए है बेटा.. ?? मैं क्या ऐसे कपड़े पहनूँगी? शर्म भी नही आती?”

 

संजय ने हँसते हुए कहा.. “मेरी जान.. तुझे तो मैं पूरे गोवा में नंगा घुमाना चाहता हूँ.. अब तय कर लो.. वैसे घूमना है या ये कपड़े पहनने है??”

 

शीला के बदन में कामुकता और हवस का बुखार सा चढ़ने लगा.. संजय भी जिस तरह “आप” से “तू” पर आ गया था.. शीला की चूत में अजीब सी चुनचुनी होने लगी थी.. उसके स्तन सख्त होकर तन गए थे.. कान लाल हो गए थे..

 

संजय: “तू अभी ट्रायलरूम में जाकर ये कपड़े पहन कर आ” उसने शीला को आदेश दिया

 

थोड़ी सी हिचकिचाहट के बाद शीला को आखिर मानना ही पड़ा.. वह जब ट्रायलरूम के बाहर आई तब देखने लायक द्रश्य था.. गोरा गदराया मांसल चरबीदार जिस्म.. पतला सा टॉप.. जिस में बिना ब्रा के खरबूजे जैसे स्तन साफ साफ दिख रहे थे.. टॉप इतना टाइट था की शीला डर रही थी की उसके स्तन कहीं टॉप को फाड़ न दे.. निप्पल भी उभरकर अपना आकार दिखा रही थी.. स्टोर में और जीतने भी लोग थे सब की नजर शीला पर चुंबक की तरह चिपक गई..

 

संजय ने काउन्टर पर बिल के पैसे चुकाये और शीला का हाथ पकड़कर बाहर निकला.. इतने उत्तेजक कपड़े पहनकर शीला आज पहली बार बाहर निकली थी.. उसके मदमस्त बड़े बबले बार बार साथ चल रहे संजय की कुहनी से टकराते हुए उसे उत्तेजित कर रहे थे..

 

किसी भी प्रकार के मेकअप के बगाई शीला अपने दामाद के साथ चलती जा रही थी.. दोनों की उम्र में करीब २५ वर्ष का फरक था.. देखने वाले सब आश्चर्य से इस जोड़ी को देख रहे थे.. सब सोच रहे थे की यह आखिर किस तरह की जोड़ी है?? अब तक शीला ने भी मन में यह तय कर लिया था की वह अपने दामाद के साथ खुल कर जिएगी.. और गोवा में मिली इस स्वतंत्रता का पूरा आनंद लेगी

 

शीला: “संजय बेटा.. एक सिगरेट जला कर दो मुझे” एक बंद दुकान के बाहर बैठते हुए उसने संजय से कहा.. शीला के उठते या बैठते उसके स्तन उछल-कूद कर रहे थे.. यह देखकर सामने खड़े एक अंग्रेज ने कहा “ओह वाऊ.. अमैज़िंग.. !!” हाथ में सिगार लिए वह शॉर्ट्स और लूज टीशर्ट पहने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ खड़ा था.. दोनों के जिस्म काफी कसे हुए थे.. और ६ फिट से ज्यादा की लंबाई थी.. २८ के आसपास की उम्र.. शीला और संजय दोनों उनके तरफ देखने लगे.. उसकी फिरंगी गर्लफ्रेंड भी जबरदस्त सेक्सी थी..

 

“कितना गोरा है वो फिरंगी.. !!” शीला ने कहा..

 

“हाँ मम्मी जी.. तुम्हारे उछलते बॉल देखकर पागल हो गया.. साथ में जो लड़की है वो कितनी हॉट है.. देखो तो सही.. एकदम कच्चे कुँवारे स्तन है उसके.. कमर भी कितनी पतली है.. साली की चूत में एक धक्के में लंड डाल दु तो जान निकल जाए उसकी.. ”

 

शीला: “बेटा.. उसके हाथ में जो सिगरेट है वो कितनी अलग है.. !!! मोटी सी”

 

संजय: “वो सिगरेट नही.. सिगार है.. विदेश में लोग ज्यादातर यही पीते है.. ”

 

शीला: “यहाँ कहीं मिलेगी ऐसी सिगार? मुझे ट्राय करनी है”

 

संजय: “आपको सिगार ट्राय करनी है.. तो मुझे उस लड़की की चूत ट्राय करनी है.. किसी गोरी को एक बार दबाकर चोदने का बहोत मन है मुझे.. ” संजय अपने लंड को दबाने लगा.. वह दोनों भी शीला की ओर देख रहे थे.. संजय का लंड उस गोरी के स्तन देखकर सख्त हो चुका था..

 

शीला: “लगता है की तुम्हारा खड़ा हो गया है.. इतनी पसंद आ गई तुम्हें? जो ओर किसी को ही देखना था तो मुझे साथ क्यों लाया?” शीला को स्त्री सहज ईर्षा होने लगी..

 

संजय: “आपको तो मैं होटल में ले जाकर अपने अनोखे अंदाज में चोदूँगा.. वो गोरा तुम्हारी चूचियों को देखकर कैसा पागल हो रहा है”

 

शीला: “यही तो मेरा मुख्य शस्त्र है बेटा.. मर्दों को इन स्तनों से कैसे पागल बनाना मुझे अच्छी तरह आता है.. तुम्हें उस रांड को देखकर जैसी उत्तेजना हो रही है वैसी ही कुछ उस गोरे को मेरे स्तन देखकर हो रही होगी.. अरे देखो.. वो दोनों हमारी तरफ ही आ रहे है.. कितना हेंडसम है ये लड़का.. इसका लंड कितना गोरा होगा.. हाय.. !!! मुझे तो उससे चुदवाने का मन कर रहा है संजु” शीला ने संजय के कंधे पर अपना सर रख दिया..

 

शीला और संजय दोनों बातें कर रहे थे तब वह जोड़ा उनके पास आ गया..

 

उस गोरे ने कहा “Hi.. I am John and this is my baby, Charlie.. We are from France.. You both are a nice looking couple.. and madam you are looking gorgeous” जॉन ने शीला के बॉल को नजदीक से देखते हुए अपने होंठ पर जीभ फेरते हुए कहा..

 

संजय तो चार्ली की कमर को देखकर बावरा हो गया.. पेड़ की पतली शाख जैसी कमर.. छोटे छोटे कूल्हें.. और पतले शरीर के मुकाबले बड़े स्तन.. बनियान जैसा कुछ पहन रखा था चार्ली ने.. साइड से उसके आधे स्तन तो बिना किसी प्रयत्न के ही दिख रहे थे..

 

संजय ने चार्ली से हाथ मिलाते हुए कहा “Nice to meet you Charlie.. I am Sanjay and this is Shila..She is neither my wife nor my girlfriend..so please don’t ask about our relationship.. We are here to enjoy..Would you like to join us?”

 

चार्ली अपने दोस्त जॉन के सामने देखने लगी.. जॉन की आँखें तो शीला के स्तनों को देखते ही चकाचौंध हो चुकी थी

 

चार्ली ने जॉन से कहा “John, you remember? I told you about my fantasy!! I think this is a golden chance for me.. I don’t want to miss this..Please help me to fulfill it darling..do something!!”

 

शीला और संजय स्तब्ध होकर उनकी बातें सुनते रहे.. शीला की चूत तो पानी छोड़ने लगी थी जॉन को देखकर.. वह दोनों किस बारे में बात कर रहे थे यह समझने में देर नही लगी संजय को.. पर उनकी अजीब अंग्रेजी को समझने में दिक्कत आ रही थी..

 

तभी दुकान के पास खड़ा एक आदमी चलते हुए उनके पास आया “साहब.. इनकी अंग्रेजी समझने में हेल्प करूँ आपकी? १०० रुपये लूँगा”

 

संजय ने तुरंत अपने वॉलेट से १०० का नोट निकालकर उसके हाथ में थमा दिया..

 

उस आदमी ने उन दोनों के साथ कुछ बात की और फिर कहा “सर, ये कपल आप लोगों के साथ वक्त गुजारना चाहता है.. और चार्ली मैडम का कहना ही की वह एक बार किसी इंडियन आदमी के साथ डेट पर जाना चाहती है.. अगर आप दोनों को एतराज न हो तो ये दोनों आप के साथ एक रात गुजारना चाहते है!!”

 

संजय को ऐसा लग रहा था जैसे स्वर्ग उतरकर धरती पर आ गया हो

 

संजय” मम्मी जी.. आप इस गोरे को लपेटना चाहती हो.. और मैं चार्ली को.. मेरा भी जबरदस्त मन कर रहा है विदेशी चूत को चोदने का.. ”

 

शीला सोचने लगी.. ऐसे किसी अनजान आदमी के साथ कैसे चली जाऊँ?? कुछ ऊपर नीचे हो गया तो? मदन को क्या मुंह दिखाऊँगी? एक साथ कई विचार उसके दिमाग में एक साथ चल रहे थे..

 

तब जॉन उस आदमी से और कुछ बात करने लगा.. उसकी बात सुनकर वह आदमी संजय और शीला के पास आया और बोल

 

आदमी: “ये जॉन साहब ने मुझे जो कहा वोही मैं आपको बता रहा हूँ.. आप गुस्सा मत करना.. प्लीज.. ये तो मेरा काम है.. ”

 

संजय: “हम बुरा नही मानेंगे.. ”

 

आदमी ने शीला की ओर देखते हुए कहा “ये साहब कह रहे है की अगर आप उसके साथ एक रात गुजारेगी तो वो आपको १००० डॉलर देने के लिए तैयार है”

 

स्तब्ध हो गई शीला.. उसने संजय से कहा “बेटा.. तू इस लड़की के साथ जा.. मैं इसके साथ जाती हूँ.. ऐसा मौका दोबारा हमें कभी नही मिलेगा”

 

खुश होकर संजय ने जॉन के सामने ही चार्ली के गालों को सहलाया.. और उसका हाथ पकड़कर कहा “Let’s go baby..!!

जॉन शीला के करीब आया.. अपनी सिगार शीला को देते हुए कहा : “Do you smoke?”

 

शीला ने मुस्कुराकर सिगार अपने हाथ में ली और एक बड़ा सा कश लगाया.. सिगार के धुएं के साथ दोनों ओजल हो गए.. जाते जाते शीला ने मुड़कर देखा.. उसका दामाद बीच बाजार में उस चिड़िया को चूमते हुए उसके स्तन दबा रहा था.. शीला को थोड़ी बहोत अंग्रेजी आती थी.. जॉन ने शीला का हाथ पकड़कर अपनी बगल में खींच लिया.. और चलने लगा.. शीला की गदराई कमर पर हाथ रखकर वह चल रहा था..

 

शीला और जॉन बारी बारी सिगार फूँक रहे थे.. जॉन शीला की कमर की चर्बी हाथ में पकड़कर उसे उकसा रहा था.. शीला के जिस्म एक अजीब प्रकार का रोमांच और उत्तेजना दौड़ने लगी.. दोनों केवल संभोग करने के इरादे से ही मिले थे.. इसलिए शीला ने सीधा बोल दिया..

 

शीला: “I don’t want to waste time on the road.. so let’s go to your room..I want you to take me there”

 

जॉन: “Oh really!!! You are so fucking hot bitch..!! Let’s go honey.. I want to suck your pussy.. I want to taste Indian cunt too”

 

शीला: “I also want to taste white lund”

 

जॉन: “What did you say? Lund? What does it mean?”

 

शीला: “Lund means this…!!” कहते हुए शीला ने जॉन के लंड पर धीरे से चपत लगाई और हंसने लगी

 

जॉन: “Ohh you mean my dick..that is great.. Your smile is also fucking killer baby..” सिगार शीला के हाथ में थमाते हुए जॉन ने उसे अपने आगोश में खींचा.. चलते चलते वह दोनों एक खाली सड़क पर पहुँच गए.. आसपास कोई था नही.. जो एकाध थे वो कपल में थे और अपनी दुनिया में मस्त थे..

 

जॉन ने शीला के कंधों पर हाथ रखकर उसके टॉप के अंडर डाल दिया.. पहली बार उसने शीला की नंगी चूचियों का स्पर्श किया.. अंदर ब्रा तो थी नही.. जॉन के हाथ में शीला का अनमोल स्तन आ गया.. जॉन की आह्ह निकल गई.. स्तनों को दबाते हुए उसने कहा

 

जॉन: “My god..!! You Indians have such sexy boobies..I like your fucking huge titties..Shila..” अपने टिपिकल अंग्रेजी में वह बोला

 

शीला खुश हो गई.. सिगार का दम खींचते हुए वह बोली “John.. press my boobs hard..I like your hard touch on my boobs” कहते हुए शीला ने जॉन के अंदर घुसे हाथ को ऊपर से ही दबा दिया.. और बोली “John.. I want to see your cock right now..right here!!”

 

जॉन: “You mean my lund?”

 

शीला: “Yes..yes john.. I want to see your lund right here..so please show me now” एक सुमसान गली के कोने में वह जॉन को खींचकर ले गई.. जाते जाते उसने शॉर्ट्स के ऊपर से ही जॉन का लंड पकड़ लिया.. उसने महसूस किया की शॉर्ट्स के अंदर उसने कुछ नही पहना था.. उसका लंड खुला ही लटक रहा था.. शीला के हाथ में सीधा जॉन का डंडा आ गया.. शीला पकड़कर हिलाने लगी

 

जॉन: “Ohhh Shila.. you fucking bitch.. You are so hot..aahhhh!!”

 

उसके सख्त फिरंगी लंड को चड्डी के ऊपर से ही हिलाते हुए शीला इतनी उत्तेजित हो गई की वह ये भी भूल गई की वो लोग बाहर खड़े थे.. उसने चड्डी के अंदर हाथ डालकर जॉन के लंड की नोक पकड़ ली.. और उस फुले हुए सुपाड़े को उंगली से दबा दिया..

 

जॉन ने शीला को अपनी बाहों में दबोच कर एक जबरदस्त फ्रेंच किस कर दी.. उसकी चूमने की स्टाइल पर शीला फ़ीदा हो गई.. उस अंग्रेज ने बड़े ही आराम से शीला के निचले होंठ को चूसना जारी रखा.. शीला का जोबन अब सिहरने लगा था.. ब्लू फिल्मों को देखकर शीला हमेशा यह सपना देखती थी की कभी कोई गोरा उसे दबोच कर नंगी करके धमाधम चोद दे..आज उसका वो सपना साकार हो रहा था.. जॉन का लंड जबरदस्त सख्त हो गया था.. शीला उत्तेजित होकर उसकी चड्डी में हाथ डालकर उससे खेल रही थी.. शीला ने अब उसके अंडकोशों को भी मुठ्ठी में पकड़कर देखा.. मस्त गोलगप्पे जैसे थे उसके आँड..

 

“प्लीज जॉन.. बाहर निकालकर मुझे दिखा न.. !!” हिन्दी में बोली शीला.. जॉन को कुछ समझ में नही आया

 

किस तोड़कर जॉन ने पूछा “What??”

 

शीला को तब एहसास हुआ की उसे अंग्रेजी में बोलना था “Please, show me your big cock!!”

 

जॉन: “hey..not here..let’s go to my room dear..let’s go” हाथ पकड़कर उसने शीला को खींचा

 

“No John, I can wait anymore..Show me here and now” कहते हुए शीला घुटनों के बल बैठ गई और जॉन की चड्डी की मोरी से लंड को बाहर खींचने लगी.. जैसे बिल से चूहा बाहर निकलता है बिल्कुल वैसे ही जॉन के लंड का सुपाड़ा बाहर निकला.. जॉन की जांघों के बालों को चूमते हुए शीला ने उस सुपाड़े पर अपनी जीभ का स्पर्श किया..

 

“Ohh.. Shila, please don’t do it here.. I can’t control anymore” चड्डी के नीचे से हाथ डालकर उसके गोटों को मसल रही शीला से जॉन ने कहा.. पर शीला की हवस की आग इतनी तेज थी की वह अब बेकाबू हो चली थी.. उसने जॉन की बातों को इग्नोर करते हुए चड्डी को थोड़ा सा ओर ऊपर किया.. लगभग साढ़े तीन इंच जितना लंड बाहर निकल आया और बिना एक सेकंड गँवाए शीला ने लंड मुंह में ले लिया.. पीछे से हाथ डालकर उसने जॉन के कूल्हों को भी सहलाना शुरू कर दिया.. कूल्हों पर दबाव बनते ही जॉन शीला की ओर करीब आ गया.. और लंड थोड़ा सा और बाहर निकला.. वह हिस्सा भी शीला ने अपने मुंह के आगोश में भर लिया..

 

“Ohh..you fucking bitch..please stop!! Let’s go to my room” पर शीला कहाँ सुनने वाली थी!!! जॉन के गोरे कूल्हों और जांघों पर हाथ फेरते हुए वह बदहवास होकर लंड चूस रही थी.. वह उत्तेजना से इतनी बेकाबू हो गई थी की चूसते चूसते एक बार तो उसने लंड पर आपने दांत गाड़ दिए.. जॉन ने अपने जीवन में आज तक इतनी कामुक स्त्री को नहीं देखा था.. वो बावरा होकर इस हिंसक शेरनी जैसी शीला का शिकार बनता रहा.. दंग रह गया वोह.. भारतीय स्त्री इतनी कामुक और उत्तेजित हो सकती है वो उसने सपने में भी नही सोचा था..

 

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