बहन की चुदाई की यादें (पाप पुण्य) – 11
ऋषि को दीदी के साथ कमरे में घुसे 5 घंटे से ज्यादा हो गए थे
ऋषि को दीदी के साथ कमरे में घुसे 5 घंटे से ज्यादा हो गए थे
नंगी रश्मि दीदी की मादक अदाओं ने ऋषि को उत्तेजना की चरम ऊंचाईयों तक पहुँचा दिया
कुछ ही क्षणों में दीदी ऋषि से कहने लगती है- “प्लीज... अब बस करो छोड़ दो मुझे...”
दीदी का चेहरा मारे शर्म के लाल हो गया और उन्होंने फिर से अपनी आँखों को बंद कर अपना चेहरा घुमा लिया।
कोई पाप नहीं किया समझा? अरे तुझे तो पुण्य मिलेगा पुण्य। भूखे को खाना खिलाने से बड़ा पुण्य कोई नहीं
दीदी जाकर ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठ गई। ऋषि भी उनकी साइड में जाकर बैठ गया।
आंटी हमारे घर नहीं आई। हमारे बीच शर्म का पर्दा हटने से मुझे जो उम्मीद जगी थी वो अब धुँधली होने लगी।
दीदी अभी जाग रही थी- “मोनू एक बात पुछूं? सच-सच बताना…” मुझे लगा दीदी क्या पूछेंगी?
रश्मि दीदी के बारे में मेरा नजरिया और गंदा होता जा रहा था।
रात के साढ़े बारह बजे.. एक जानदार ऑर्गैज़म के बाद.. शीला और संजय बाथरूम में साथ नहाने गए..