शीला की लीला (५५ साल की शीला की जवानी)-56
(Desi Kahani) 2
This story is part of a series:
जॉन ने शीला को कंधे से पकड़कर खड़ा किया और अपने लंड को उसके मुंह के चूँगाल से छुड़ाया..शीला ने तुरंत अपना टॉप ऊपर करते हुए अपने अद्भुत स्तनों को जॉन की आँखों के सामने उजागर कर दिया.. और जॉन का चेहरा अपने स्तनों पर दबा दिया..
जॉन शीला के स्तनों की गोलाइयों में ऐसा खो गया की फ्रांस भी भूल गया.. दोनों स्तनों के बीच शीला ने ताकत से जॉन को दबोचे रखा था.. सांस लेने के लिए भी तड़पने लगा जॉन.. उसका लंड शीला के जिस्म की गर्मी के कारण अप-डाउन हो रहा था.. जैसे पानी से बाहर निकाली मछली फुदक रही हो.. शीला ने उसके फुदकते लंड को अपनी मुठ्ठी में पकड़ लिया और लंड की त्वचा को पीछे सरकाया.. उसका लाल गुलाबी सुपाड़ा बाहर दिखाई देने लगा.. शीला उस सुपाड़े को अपनी जांघों पर रगड़ने लगी.. जॉन लगातार शीला की निप्पलों को चूस रहा था.. इतनी मस्ती से चूस रहा था जैसे उनमें से दूध निकल रहा हो.. उसके लंड की सख्ती ये बता रही थी की उसे शीला की हर हरकत बेहद अच्छी लग रही थी.. शीला जो कुछ भी कर रही थी वह उसके अंदाजे और कल्पना के बाहर था..
अब शीला की चूत में जबरदस्त खुजली होने लगी.. उसकी सहनशक्ति जवाब देने लगी.. दोनों इतने उत्तेजित होकर एक दूसरे पर टूट पड़े थे जैसे खा जाना चाहते हो.. जॉन से कई ज्यादा आक्रामक शीला थी.. एक दीवार की आड़ में खड़े दोनों पूरे खुमार पर थे.. दीवार का सहारा लेकर शीला खड़ी हो गई और जॉन का चेहरा अपने जिस्म पर दबाते हुए बोली
शीला: “Ohh John dear..please suck my choot..I can’t bear yaar” “चूत” शब्द का अर्थ तो जॉन नही समझ पाया पर उसे इतना पता चल गया की वह क्या कहना चाहती थी.. वह फिरंगी तुरंत अपने घुटनों के बल बैठ गया और शीला की छोटी सी चड्डी जैसी शॉर्ट्स को नीचे उतारकर उसकी चूत पर अपनी जीभ फेरने लगा.. चूत के दोनों होंठों को अपने होंठों के बीच दबाकर चूसने लगा..
शीला ने अपना दायाँ पैर ऊपर किया और जॉन के कंधे पर रख दिया.. जॉन के बालों को पकड़कर उसके चेहरे को अपनी चूत पर रौंद दिया.. दोनों एक दूसरे को आनंद देने में व्यस्त थे.. तभी संजय और चार्ली वहाँ से गुजरे.. शीला और जॉन को देखकर वह दोनों तुरंत उनके पास आ खड़े हुए..
जॉन की चुटकी लेते हुए चार्ली ने कहा “Hey John..what are you doing?” वह हंसने लगी
अपने स्तनों को खुद ही मसल रही शीला के पास जाकर संजय ने उसके एक स्तन को अपने कब्जे में ले लिया..
“मम्मी जी, आप तो सड़क पे ही शुरू हो गई!! क्या बात है.. अंग्रेज पसंद आ गया आपको.. ” शीला संजय को बालों से खींचकर अपने करीब लाई और चूमने लगी.. शीला के खरबूजों जैसे स्तनों के बड़े आकार को देखकर चार्ली की आँखें फटी की फटी रह गई.. “Madam, you have got huge melons” शीला के दूसरे स्तनों पर हाथ फेरते हुए उसने कहा.. शीला की हवस गजब की थी.. उसकी दो जांघों के बीच जॉन चुसकियाँ लेते हुए चूत चाट रहा था.. शीला के भोसड़े से कामरस का अविरत प्रवाह बह रहा था.. चाट चाट कर थक गया था जॉन.. लेकिन शीला की चूत सूखने का नाम ही नही ले रही थी..
आखिर थककर जॉन ने “प्रोजेक्ट चूत सकिंग” अधूरा छोड़ दिया और खड़ा हो गया..
चार्ली को एक प्यारी किस देते हुए वह बोला “Honey, she is a real bitch..very hot lady..Let’s go to room.. I can’t bear anymore.. Sanjay, do you want to join us? Let’s enjoy four-some! Charlie, I am damn sure you will have a great time with Shila too.. just try her once baby.. she is amazing!!”
आखिर थककर जॉन ने “प्रोजेक्ट चूत सकिंग” अधूरा छोड़ दिया और खड़ा हो गया..
चार्ली को एक प्यारी किस देते हुए वह बोला “Honey, she is a real bitch..very hot lady..Let’s go to room..I can’t bear anymore..Sanjay, do you want to join us? Let’s enjoy four-some! Charlie, I am damn sure you will have a great time with Shila too..just try her once baby.. she is amazing!!”
चार्ली जबरदस्त उत्तेजित हो गई “Ohh really..!! Hey Sanjay, lets go and join them..”
कार्यक्रम में मध्यांतर की घोषणा होते ही शीला ने अपनी चड्डी ऊपर की उसकी क्लिप बंद कर दी.. फिर वह जॉन का हाथ पकड़कर चलने लगी.. शीला इतनी उतावली होकर चल रही थी जैसे जॉन के लंड को जल्दी से जल्दी अपनी चूत में गटक लेना चाहती हो.. उसका दामाद संजय और चार्ली पीछे पीछे आ रहे थे..
संजय: “Charlie..just look at her huge hips..It is my wish to bang her with John”
“Ohhh…you mean in both the holes? चार्ली ने हँसते हुए कहा
“Yesss…!!” संजय ने जवाब दिया
“I will fuck her ass the whole night, Charlie!!” शीला के कूल्हों पर थप्पड़ लगाते हुए जॉन ने संजय से कहा
शीला को उनकी बातें ज्यादा समझ नही आ रही थी.. और उससे समझने में दिलचस्पी भी नही थी.. बातें करते हुए.. सिगार फूंकते हुए.. चारों लोग, जॉन और चार्ली की होटल पर पहुंचे.. संजय और शीला की होटल से थोड़ी दूरी पर थी इनकी होटल.. चारों कमरे में गए और दरवाजा अंदर से लोक कर लिया.. दरवाजा बंद होते ही सब की वासना के दरवाजे खुल गए.. चार्ली संजय से लिपट गई और संजय ने बिना वक्त गँवाए उसे तुरंत ही नंगा कर दिया.. शीला चार्ली के स्लिम और दाग रहित गोरे जिस्म को देखती ही रही.. बी.पी. में गोरी लड़कियों की जिस तरह की हरकतें उसने देखी थी वह सब उसकी आँखों के आगे तैरने लगी.. ब्लू फिल्मों में लेस्बियन सीन में चूत चटाई के द्रश्य देखकर अक्सर शीला का मन करता था की वह भी किसी गोरी रांड की चूत को चटकारे लेकर चाटे और अपनी भी उससे चटवाएं.. आज आखिर उस सपने को साकार करने का मौका मिलने वाला था.. शीला ने संजय के कान में कुछ कहा..
“अभी नही मम्मी जी, पहले मुझे ईसे मन भर कर चोद लेने दीजिए.. निवाला मुंह तक आ चुका है अब मैं और इंतज़ार करना नही चाहता.. एक बार तसल्ली से चोद लूँ फिर आप जो चाहो कर लेना इसके साथ” संजय ने कहा
हिन्दी में हो रही बातचीत में जॉन और चार्ली को क्या पता चलता ??? लेकिन तब तक चार्ली ने जॉन की चड्डी उतार दी थी.. जॉन की दोनों जांघों के बीच लटक रहे खूबसूरत फिरंगी गोरे लंड को देखकर शीला जैसे होश ही खो बैठी.. उसके लंड को पहली नजर में देखते ही उसे प्यार हो गया.. !! संजय को छोड़कर वह जॉन की तरफ मुड़ी.. वो जॉन के अर्ध-जागृत लंड को पकड़े इससे पहले चार्ली ने उसे पकड़ लिया.. और मुठ्ठी में पकड़कर हिलाने लगी..
जॉन: “Suck it baby…suck it hard like its your dad’s cock..” यह सुनते ही चार्ली नीचे झुक गई और जॉन की आँखों में देखते हुए उसका लंड चूसने लगी.. शीला और संजय आश्चर्यचकित होकर इन दोनों को देखते रहे.. चार्ली ने जॉन के हाथ से सिगार लेकर एक लंबा कश लिया.. फिर बिना धुआँ बाहर निकाले वह लंड चूसने लगी.. थोड़ी ही देर में चार्ली के मुंह से अंदर बाहर निकल रहे लंड के साथ साथ धुआँ भी निकलने लगा.. बड़ा ही अनोखा द्रश्य था.. !!
चार्ली और जॉन की इन कामुक हरकतों को देखकर शीला अपने आपे से बाहर हो रही थी.. वह चार्ली की बगल में बैठ गई और जॉन के अंडकोशों को सहलाने लगी.. गोरे गोरे सुंदर अंडों से खेलते हुए शीला ने चार्ली की ओर देखा.. दोनों की नजरें एक हुई.. चार्ली को शीला की आँखों में एक अजीब सा आमंत्रण नजर आया.. और चुपचाप उस आमंत्रण का स्वीकार करे हुए वह शीला के सुंदर गालों को सहलाने लगी.. उसके बालों में उँगलियाँ फेरते हुए वह जॉन के लंड को चूसती रही.. चार्ली के एक हाथ में सिगार थी और दूसरे हाथ से वह शीला के अंगों को सहला रही थी.. शीला का बहोत मन कर रहा था जॉन का लंड चूसने को.. पर ये चार्ली छोड़े तब न!!
शीला की इस तकलीफ को संजय समझ गया.. वह धीरे से चलकर चार्ली के पास आया और अपने लंड से चार्ली का गाल सहलाने लगा.. वैसे संजय का लंड काला तो बिल्कुल नही था.. पर जॉन के लंड के गोरेपन के आगे गेहुआँ नजर आ रहा था.. चार्ली ने तुरंत जॉन का गीला लंड छोड़ दिया और संजय का लंड चूसने लगी.. जॉन के तंदूरस्त गोरे लंड को शीला ने हाथ में लेकर बड़े ध्यान से देखा.. उसके सख्ती की जांच की और फिर उस लोड़े को मुंह में लेकर चूसने लगी.. जब चार्ली चूस रही थी तब जॉन चुपचाप खड़ा था पर शीला ने जैसे ही मुंह में लिया उसकी सिसकारी निकल गई..
“Ohhhh yess..Ahhh..nice..Suck it baby..” जॉन सिसकने लगा.. शीला ने पहले तो आधा ही लंड चूसकर उसे थोड़ा तड़पाया.. फिर धीरे से उसने बाकी आधा लंड मुंह में लेते हुए उसके आँड दबा दिए.. शीला ने अभी अपने कपड़े उतारे नही थे.. लेकिन टाइट कपड़ों से उसके जिस्म का शानदार भूगोल आसानी से नजर आ रहा था.. टॉप से आधे बाहर लटक रहे उसके अद्भुत स्तन.. जॉन और चार्ली को पागल कर रहे थे.. चार्ली संजय के लंड को मस्ती से चूस रही थी..
शीला ने जॉन के लंड को पूरा चूसकर लाल कर दिया था.. आखिर उसने अपने मुंह की कैद से उस लंड को मुक्त किया.. नोक से लेकर मूल तक पूरा लंड शीला की लार से भीग चुका था.. शीला अब खड़ी होकर खुद ही अपने कपड़े उतारने लगी.. और मादरजात नंगी होकर फर्श पर लेट गई अपनी जांघों को चौड़ी करते हुए.. कमर को उठाकर वह अपने भोसड़े को जॉन के सामने प्रस्तुत कर रही थी..
शीला: “संजय बेटा.. मम्मी जी की चूत कौन पहले चाटेगा? मेरा दामाद या जॉन?” अपनी चिपचिपी चूत के दोनों होंठों को उंगलियों से अलग करते हुए अंदर के गुलाबी हिस्से को दिखाते हुए वह दोनों मर्दों को ललचाने लगी.. अपनी जिस्म की नुमाइश कैसे करनी वह शीला से बेहतर कोई नही जानता था.. जॉन यह देखते ही चीते की तरह शीला के भोसड़े पर झपट पड़ा.. बरसों से किसी अंग्रेज से अपनी चूत चटवाने की ख्वाहिश आज पूरी हो रही थी.. जॉन को कानों से पकड़कर शीला ने खींचा और उसके मुंह को अपनी चुत के एकदम करीब ले आई..
जॉन भी कारीगर था.. शीला को खुश करने में उसने कोई कसर नही छोड़ी.. जितनी अंदर घुस सकती थी उतनी अंदर जीभ डालकर उसने शीला की चूत को कुरेद दिया.. कभी वह अपनी हथेली में शीला के सम्पूर्ण भोसड़े को पकड़कर दबाता तो कभी वह उसकी क्लिटोरिस को जीभ और होंठों के बीच दबाकर चूसता.. तरह तरह की आवाज़ें निकालते हुए वह शीला की चिकनी चूत के मजे ले रहा था.. शीला अपनी कमर उठा उठा कर जॉन के मुंह से अपनी चूत रगड़ते जा रही थी.. इतने भारी शरीर वाली शीला की चपलता देखने लायक थी.. बेहद उत्तेजित होकर शीला ने जॉन का हाथ खींचकर उसे अपनी ओर ले लिया.. असंतुलित होकर जॉन शीला के नरम तकिये जैसे स्तनों के ऊपर गिर पड़ा.. शीला ने जॉन को अपनी बाहों में भरकर चूम लिया.. जॉन भी भूखे भेड़िये की तरह शीला पर टूट पड़ा..
शीला ने अपना हाथ नीचे डाला और जॉन का लंड पकड़कर अपनी फड़क रही चुत के सेंटर पर लगा दिया.. जॉन धक्का दे उससे पहले शीला ने ही नीचे से कमर उचक कर जॉन के लंड को अपनी चुत की गहरी गुफा में लापता कर दिया.. और फिर जॉन को अपनी बाहों में भरते हुए उसने पलटी मारी.. अब जॉन नीचे फर्श पर लेट गया और शीला उसपर सवार हो गई.. जॉन पर सवार होकर शीला ऐसे चोदने लगी.. जैसे अंग्रेजों की गुलामी का बदला ले रही हो..
“Ohh..ohhh..stop it you bitch!!” जॉन चिल्लाने लगा.. पर शीला ने शताब्दी एक्स्प्रेस जैसी स्पीड पकड़ ली थी.. चोदते वक्त शीला खूंखार शेरनी का रूप धारण कर लेती थी.. अपना ऑर्गजम पाने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती थी.. जॉन के चिल्लाने पर ध्यान न देते हुए.. शीला लगातार २० से २५ मिनट तक फूल स्पीड में कूदती ही गई.. जॉन के लंड ने तो कब से इस्तीफा दे दिया था.. क्योंकि जब शीला ठंडी होकर जॉन पर से उतरी तब उसकी गहरी गुफा से जॉन का लंड मरी हुई छिपकली की तरह बाहर निकला.. नीचे उतरते ही शीला जॉन के बगल में लेटकर गहरी सांसें भरते हुए अपनी थकान उतार रही थी.. उसके हांफने से ऊपर नीचे होती हुई उसकी छातियों को देखकर स्तब्ध रह गया जॉन.. उसका दिल तो कर रहा था की वह उसकी चूचियों को मसलें.. पर थोड़ी देर पहले ही शीला ने उसे जिस तरह रीमाँड़ पर लिया था वह देखकर उसे फिर से उत्तेजित करने की हिम्मत नही हो रही थी उसकी..
यह द्रश्य देखकर मन ही मन मुस्कुरा रहा था संजय.. उसे अपनी सेक्सी सास पर गर्व महसूस हो रहा था.. चार्ली को काँखों के नीचे से उठाते हुए संजय ने उसे उठा लिया.. और पूरे कमरे में घूमते हुए उसे किस करने लगा.. जॉन के शॉर्ट्स की जेब से शीला ने किंग एडवर्ड सिगार निकाली और उसे जलाकर एक के ऊपर एक दम लगाने लगी.. नशा सा होने लगा उसे.. अलग ही दुनिया में खो गई वो.. उसकी आँखें बंद हो गई.. उसके हाथ से जब जॉन ने सिगार खींच ली तब उसकी आँखें खुली.. संजय की कमर के इर्दगिर्द अपने पैरों की कुंडली लगाए हुए चार्ली छोटे बच्चे की तरह लटकी हुई थी.. उसकी जांघों के ठीक नीचे.. संजय का आठ इंच लंबा विकराल लंड.. चूत की गंध सूंघते हुए छेद ढूंढ रहा था.. चार्ली के स्तन, संजय की मर्दाना छाती से दबकर समोसे से कचौड़ी बन गए थे..
संजय के गले में बाहें डालकर चार्ली ऐसे झूल रही थी जैसे डाली पर आम लटक रहा हो.. एक दुसरें को कामुक चुम्बन करते हुए वह अलग अलग अंगों को मसल रहे थे.. चार्ली के सुन्दर गोरे कूल्हें संजय के लंड पर ठोकर मार मारकर यह कह रहे थे की जल्दी करो.. अब और सहा नही जाता!!
संजय ने चार्ली को बिस्तर पर पटक दिया.. डनलॉप के नरम गद्दे पर पटकते ही चार्ली एक फिट जितना ऊपर उछली और साथ में उसके स्तन भी!! नजदीक से देख रही शीला ने जॉन को इशारा किया “Let us join them”
“Not now Shila..I will have to take some rest!!” जॉन ने अपनी असमर्थता जाहीर की
शीला अंगड़ाई लेते हुए खड़ी हुई.. फर्श पर लेते हुए जॉन ने शीला के भरे भरे कटहल जैसे स्तनों को देखा और देखता ही रह गया.. शीला के अद्भुत संगेमरमरी कूल्हें.. स्तम्भ जैसी जांघें.. चरबीदार लचकती कमर और चिड़िया घोंसला बना सके वैसी गहरी नाभि.. शीला खतरनाक मूड में लग रही थी.. दोनों जंघाए चौड़ी कर वो जॉन की चेहरे पर बैठ गई..अपनी चूत के होंठों को अलग करते हुए उसने जॉन के होंठों पर उसे लगा दिया.. चाटने के अलावा जॉन के पास कोई चारा नही था.. दो तीन मिनट तक चूत चटवाने के बाद शीला ने एक नजर जॉन के लंड पर डाली.. पोस्टमॉर्टम रूम में पड़ी लावारिस लाश की तरह जॉन का लंड पड़ा हुआ था..
शीला का मुंह बिगड़ गया.. वह उठकर बेड पर चली गई.. जहां चार्ली और संजय दोनों एक दूसरे के संग खेल रहे थे.. चार्ली संजय के लंड को हिला रही थी और संजय चार्ली की संकरी चूत में उंगली डालते हुए उसके मम्मे चूस रहा था.. चूत में उंगली डालकर उसे चौड़ी कर रहा था संजय.. ताकि उसके तगड़े लंड को वो झेल सके.. संकरी चुत में दो उंगली जाते ही चार्ली दर्द से सिसक उठी..
शीला ने पहले दोनों का दूर से ही निरीक्षण किया.. वह जॉइन होना चाहती थी पर मौका देखकर.. धीरे से वह चार्ली की बगल में लेट गई.. और चार्ली के मुंह को अपनी ओर खींचकर और गोरे फिरंगी होंठों पर अपने देसी होंठ लगा दिए.. कामुक चुंबन करते हुए शीला चार्ली के जीभ से अपनी जीभ लड़ा रही थी.. कभी चार्ली की जीभ को लंड की तरह चूस लेती.. तो कभी उसके मुंह के भीतर तक अपनी जीभ घुसा देती.. दोनों अब बेहद गरम हो गई थी.. चार्ली ने अपनी हथेली में शीला के एक स्तन को पकड़ने की नाकाम कोशिश करके देखा.. पर पहाड़ जैसी चुची, हथेली में भला कैसे समाती.. !!! शीला के नरम गुदगुदे मांस के गोलों चार्ली बड़ी ही मस्ती से दबाते हुए दूसरे हाथ से संजय के लंड के साथ खेल रही थी..
“Ohh Shila…suck my cunt, please!!” चार्ली ने शीला से कहा
शीला ने संजय का हाथ चार्ली की चिकनी बालरहित बुर से हटा दिया.. और संजय की उंगली पर लगे चार्ली के चुत के गाढ़े अमृतरस को चाटकर अपने दामाद की उंगलियों को संपूर्णतः सेनीटाइज़ कर दिया.. थोड़ा सा ऊपर उठकर उसने अपने दामाद को होंठों को चूम लिया.. एक गजब की कशिश थी शीला के अंदाज में.. शीला के चुंबन से संजय जबरदस्त गरम हो गया.. और आक्रामकता से चार्ली के स्तनों को आटे की तरह गूँदने लगा..
शीला ने चार्ली की दोनों जांघों को जरूरत के हिसाब से चौड़ा किया.. और इसकी गोरी जांघों को चाटने लगी.. संजय का सख्त लंड देखकर उस खूँटे को अपनी चुत में महसूस करने की अदम्य इच्छा हो रही थी शीला के मन में.. पर संजय के लंड के मजे तो वो जब चाहे ले सकती थी.. उसने चार्ली की चुत का अब करीब से निरीक्षण किया.. उसकी गुलाबी क्लिटोरिस को अपनी उंगली से कुरेदा.. होंठों को अलग किया.. और फिर चार्ली की गांड के नीचे तकिया सटा दिया.. चार्ली की चूत वडापाँव की तरह उभर कर बाहर आ गई..
शीला ने पहले तो चार्ली की पूरी चूत को अपने मुंह में भरकर देखा.. चार्ली की आँखें बंद हो गई और उसकी कमर ऊपर उठ गई..
“Ohhh my…you are sucking so good..suck my cunt very hard, Shila..Ohh yes..ohh no..yeah..right there..yes yess..aaahhh!!” चार्ली की इन आवाजों से पूरा कमरा गूंज उठा.. कमर को उठाकर शीला डोगी स्टाइल में सेट होकर चार्ली की चूत चाटने लगी..
जब वह चाटने में व्यस्त थी तब संजय उठकर शीला के पीछे से आया और उसके गोलमटोल चूतड़ों को चौड़ा कर शीला की गांड और चूत के छेद का निरीक्षण करने लगा.. अपने चूतड़ों पर मर्दाना हाथ का स्पर्श पाते ही शीला की गांड थिरकने लगी.. गोल गोल क्लॉकवाइज़ घुमाने लगी.. अपनी सास के बादामी रंग के गांड के छेद को देखकर संजय को वैशाली के छेद की याद आ गई.. माँ बेटी दोनों के गांड के छेद बिल्कुल एक जैसे ही थे..
What did you think of this story
Comments