शीला की लीला (५५ साल की शीला की जवानी)-20
जो गरम तेल में पानी डालने पर होता है.. छम्म छम्म छम्म होने लगा.. अपने आप दोनों जांघें एक दूसरे सट गई
जो गरम तेल में पानी डालने पर होता है.. छम्म छम्म छम्म होने लगा.. अपने आप दोनों जांघें एक दूसरे सट गई
कविता: "पकड़ा तो था.. पर चूस नहीं पाई.. मेरा बहोत दिल कर रहा था उसका चूसने का.. "
पीयूष: "और अगर फिगर दबाने के चक्कर में सर पर जूते पड़ेंगे तो!!"
आटा गूँदते गूँदते उसे रूखी के दूधभरे खरबूजों की याद आ गई
अपने टॉप के बटन बंद करते हुए कविता ने इस शैतानी प्लान पर अपनी महोर लगा दी..
शीला अपने ब्लाउस के बटन बंद करते हुए निकल गई.. इस बार वह चलते चलते अपने घर पहुंची।
ससुर ने रूखी की लचकदार चर्बी वाली कमर पर अपना खुरदरा हाथ फेरा.. रूखी के भोसड़े से कामरस की धारा बह रही थी.. बूढ़े ने रूखी के घाघरे में हाथ डालकर उसके गोल मटके जैसे दोनों कूल्हों को पकड़ लिया..
शीला रूखी के दूध भरे स्तनों को देखकर उत्तेजित हो गई.. उसने रूखी से कहा "तेरा दूध पिए कितने दिन हो गए यार.. पहले थोड़ा सा दूध पी लेने दे मुझे.. "
उसके बिल्कुल सामने की तरफ हो गई। पिंटू के मासूम चेहरे को अपनी दोनों हथेलियों में भरते हुए उसके गालों को सहलाने लगी और बड़ी ही कामुक अदा से बोली
बगल में बैठी चेतना अपने स्तनों को शीला के बबलों से रगड़ने लगी.. और शीला ने उसे खींचकर अपने होंठ चेतना के होंठों पर रखते हुए चूम लिया..